खरीदी है 82 डिसमिल जमीन बंदोबस्त के बाद हो गया वह 1 एकड़, अब बढ़े रकबा में कब्जा के लिए कर रहे हैं पड़ोसी किसानों को परेशान, दादरखुर्द का है मामला.....

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कोरबा/ छत्तीसगढ़

जिला के कोरबा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम दादरखुर्द में जमीन का रकबा बढ़ने का एक और गंभीर मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार एक महिला ने 82 डिसमिल जमीन खरीदी करके रजिस्ट्री करवाया है और गाँव का बंदोबस्त होने के बाद उस जमीन का रकबा 1 एकड़ हो गया है देखा जाए तो जमीन के मूल रकबा से 18 डिसमिल जमीन अधिक है और इसी बढ़े रकबा की जमीन पर कब्जा के लिए महिला और उसके परिवार के सदस्य आधा दर्जन से अधिक पड़ोसी किसानों से वाद विवाद लड़ाई झगड़ा कर रहे हैं और तो और तहसीलदार कोरबा के न्यायालय में कब्जा दिलाने का मामला भी दर्ज करवाया गया है। 


क्या है पूरा मामला.... 


ग्राम दादरखुर्द के सुमित्रा बाई द्वारा गाँव के किसान एवं पूर्व पार्षद करम सिंह यादव से खसरा नं 95/1 रकबा 82 डिसमिल जमीन खरीदा गया है जो विधिवत् नामांतरण होकर उसके नाम पर राजस्व अभिलेखों में दर्ज हुआ लेकिन जब दादरखुर्द का बंदोबस्त हुआ और उस जमीन के नया खसरा नं 514 बना और उसका रकबा 0.400 हेक्टेयर हो गया है जो मूल रकबा से 18 डिसमिल जमीन अधिक है।


अब यह कैसे हुआ सवाल उठना लाजमी है.. क्या बंदोबस्त कर्मचारियों और अधिकारियों के मानवीय भूल या त्रुटि से रकबा में बढ़ोत्तरी हो गई है? या बंदोबस्त कर्मचारियों और अधिकारियों ने किसान से सांठगांठ करते हुए उसके जमीन के रकबा में बढ़ोत्तरी कर दी है? या किसान ने जानबूझकर बंदोबस्त कर्मचारियों से मिलीभगत करके अपने जमीन के रकबा में बढ़ोत्तरी करवाईं है? इसकी शिकायत पूर्व में हुआ है लेकिन जिम्मेदार विभाग के द्वारा जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है जिम्मेदार जिला प्रशासन को ऐसे गंभीर मामलों में संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्यवाही करने की आवश्यकता है ताकि गाँव में किसानों के मध्य बढ़े रकबा की जमीन कब्जा के लिए विवाद खड़ा न हो और गाँव में शांति बना रहे।



हमारे द्वारा सुमित्रा बाई का दादरखुर्द में करोड़ों रुपए की बेशकीमती जमीन का एक और फर्जी जमीन घोटाला का खुलासा हमारे अगले अंक में प्रकाशित किया जाएगा तब तक बने रहे हमारे साथ....

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