छत्तीसगढ़ की बेटियों ने चीन में लहराया परचम, गीता और मधु के गोल से भारत की धमाकेदार शुरुआत

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Asia Cup Womens Junior Hockey Championshipचीन के मोकी में चल रहे एशिया कप विमेंस जूनियर हॉकी टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम में पहली बार शामिल हुईं गीता यादव और मधु सिदार ने अपने प्रदर्शन से टीम की जीत में अहम योगदान दिया।टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में गीता यादव ने दो गोल किए, जबकि मधु सिदार ने एक गोल दागकर भारतीय टीम की सफलता में अपनी भूमिका निभाई। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ में भी खुशी का माहौल है।

भारत ने दक्षिण कोरिया और मलेशिया को दी करारी शिकस्त

चीन में 4 से 13 सितंबर तक आयोजित इस टूर्नामेंट में भारत समेत दक्षिण कोरिया, मलेशिया, चीन और जापान की टीमें हिस्सा ले रही हैं।भारतीय टीम ने अपने शुरुआती मुकाबलों में दमदार खेल दिखाया। शनिवार को भारत ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराया, जबकि रविवार को मलेशिया को 11-1 के बड़े अंतर से शिकस्त दी।

बहतराई एक्सीलेंस सेंटर से टीम इंडिया तक का सफर

गीता यादव और मधु सिदार ने बिलासपुर के बहतराई स्थित एक्सीलेंस सेंटर में हॉकी का प्रशिक्षण लिया। यहीं से दोनों खिलाड़ियों ने अपने खेल को निखारा और अब भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम का हिस्सा बनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

किसान की बेटी गीता ने मेहनत से हासिल किया मुकाम

कबीरधाम जिले के बोड़ला क्षेत्र की रहने वाली गीता यादव के पिता किसान हैं। स्कूल के दौरान हॉकी कोच शिव सिंह चौहान ने उनके खेल को देखा और उन्हें आगे प्रशिक्षण देने की शुरुआत की।बाद में गीता का चयन बहतराई स्थित एक्सीलेंस सेंटर में हुआ। उन्होंने 2022 से 2024 तक वहां प्रशिक्षण लिया। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन के आधार पर उन्हें भारतीय टीम के कैंप में जगह मिली और अब वे जूनियर महिला टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

जशपुर के छोटे गांव से निकलीं मधु सिदार

मधु सिदार जशपुर जिले के कांसाबेल क्षेत्र के चिरोरा गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता नमित साय सिदार किसान हैं। छह भाई-बहनों के परिवार में मधु पांचवें नंबर पर हैं।मधु को छठवीं कक्षा में जशपुर के रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल में प्रवेश मिला था। यहीं उन्होंने पहली बार हॉकी स्टिक संभाली और धीरे-धीरे खेल में अपनी पहचान बनाती चली गईं।

एक हफ्ते में तैयार हुआ पासपोर्ट

फॉरवर्ड खिलाड़ी मधु सिदार करीब दो महीने पहले भारतीय टीम के कैंप में शामिल थीं। उस समय टीम में अंतिम चयन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी, इसलिए उनका पासपोर्ट पहले तैयार नहीं कराया गया था।कम उम्र होने के कारण पासपोर्ट प्रक्रिया में अभिभावकों से जुड़े दस्तावेजों की भी जरूरत थी। परिवार को इस प्रक्रिया में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाद में प्रशासनिक प्रयासों से मधु का पासपोर्ट करीब एक सप्ताह में तैयार कराया गया।

छत्तीसगढ़ की दो बेटियों से बढ़ी उम्मीदें

गीता यादव और मधु सिदार का अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना प्रदेश की युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है। छोटे गांवों और सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय टीम में जगह बनाई और अब एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में देश के लिए खेल रही हैं।टूर्नामेंट के आगे के मुकाबलों में भी छत्तीसगढ़ की इन दोनों बेटियों के प्रदर्शन पर सबकी नजर रहेगी।

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