धमतरी। स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण को लेकर शुरू हुआ सोशल मीडिया विवाद अब न्यायालय तक पहुंच गया है। कुरूद से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मंगलवार को धमतरी सत्र न्यायालय में कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ आपराधिक मानहानि का परिवाद पेश किया। उनके साथ बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी न्यायालय परिसर पहुंचे।विधायक का कहना है कि 15 अगस्त को उन्होंने धमतरी के एकलव्य खेल मैदान में आयोजित सरकारी कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। विवाद उस वीडियो को लेकर है, जिसमें उन्हें भाजपा का झंडा फहराते देखा जा सकता है। चंद्राकर के अनुसार यह वीडियो स्वतंत्रता दिवस का नही, बल्कि मार्च 2026 में हुए भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम का है।
पुराने वीडियो को 15 अगस्त से जोड़ने का आरोप
अजय चंद्राकर का आरोप है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के पुराने वीडियो को अलग संदर्भ में सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। उनके मुताबिक पोस्ट के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि स्वतंत्रता दिवस के दिन उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के स्थान पर भाजपा का झंडा फहराया था।इस विवाद के सामने आने के बाद विधायक ने 15 अगस्त के अपने ध्वजारोहण से संबंधित वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 15 अगस्त को उन्होंने धमतरी के एकलव्य खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।
मार्च के प्रशिक्षण कार्यक्रम का बताया जा रहा वीडियो
विधायक के अधिवक्ता विशाल शुक्ला के अनुसार, न्यायालय में पेश परिवाद में आरोप लगाया गया है कि मार्च 2026 में हुए भाजपा प्रशिक्षण कार्यक्रम के वीडियो को 15 अगस्त की घटना के तौर पर प्रस्तुत किया गया। पुलिस में दर्ज पहले मामले की रिपोर्टों में भी वीडियो को मार्च में हुए भाजपा प्रशिक्षण कार्यक्रम से संबंधित बताया गया है।चंद्राकर की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि वीडियो को प्रसारित करने से उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक छवि प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय का रुख किया गया है।
मानहानि के मामले में आर्थिक मुआवजा नही मांगा
अधिवक्ता ने बताया कि परिवाद में आर्थिक क्षतिपूर्ति की मांग नही की गई है। इसमें आपराधिक मानहानि के तहत कार्रवाई और दंड की मांग की गई है। अब न्यायालय शिकायत के साथ प्रस्तुत दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगा।
पहले दर्ज हो चुकी है FIR
इस विवाद को लेकर इससे पहले पुलिस में भी शिकायत और FIR दर्ज हो चुकी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार भाजपा की शिकायत पर सुप्रिया श्रीनेत, नेहा सिंह राठौर और एक सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने शिकायत में पुराने वीडियो को स्वतंत्रता दिवस की घटना के रूप में प्रसारित किए जाने के आरोपों की जांच शुरू की थी।अब विधायक की ओर से न्यायालय में आपराधिक मानहानि का परिवाद पेश किए जाने के बाद विवाद का अगला चरण न्यायिक प्रक्रिया में पहुंच गया है।
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