कोरबा। छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के बीच कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने से बिजली उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ती नजर आ रही है। कोरबा के दर्री स्थित HTPS पावर प्लांट में कोयले का स्टॉक काफी कम हो गया है। सामान्य तौर पर बरसात के मौसम में यहां करीब 5 लाख मीट्रिक टन कोयला उपलब्ध रहना चाहिए, लेकिन मौजूदा स्थिति में केवल करीब तीन दिन का स्टॉक बचा बताया जा रहा है।प्लांट को सामान्य संचालन के लिए प्रतिदिन करीब 20 हजार मीट्रिक टन कोयले की जरूरत होती है। इसके मुकाबले बारिश के कारण SECL से रोजाना केवल 3 से 4 हजार मीट्रिक टन कोयला ही पहुंच पा रहा है। आपूर्ति और खपत के बीच यह अंतर लगातार बढ़ता गया तो बिजली उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
CG Coal Crisis: बारिश ने बढ़ाई बिजली संकट की चिंता, पावर प्लांट में सिर्फ कुछ दिनों का कोयला बाकी; जानिए क्यों बिगड़ सकती है स्थिति
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कोरबा। छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के बीच कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने से बिजली उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ती नजर आ रही है। कोरबा के दर्री स्थित HTPS पावर प्लांट में कोयले का स्टॉक काफी कम हो गया है। सामान्य तौर पर बरसात के मौसम में यहां करीब 5 लाख मीट्रिक टन कोयला उपलब्ध रहना चाहिए, लेकिन मौजूदा स्थिति में केवल करीब तीन दिन का स्टॉक बचा बताया जा रहा है।प्लांट को सामान्य संचालन के लिए प्रतिदिन करीब 20 हजार मीट्रिक टन कोयले की जरूरत होती है। इसके मुकाबले बारिश के कारण SECL से रोजाना केवल 3 से 4 हजार मीट्रिक टन कोयला ही पहुंच पा रहा है। आपूर्ति और खपत के बीच यह अंतर लगातार बढ़ता गया तो बिजली उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
कोरबा। छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के बीच कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने से बिजली उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ती नजर आ रही है। कोरबा के दर्री स्थित HTPS पावर प्लांट में कोयले का स्टॉक काफी कम हो गया है। सामान्य तौर पर बरसात के मौसम में यहां करीब 5 लाख मीट्रिक टन कोयला उपलब्ध रहना चाहिए, लेकिन मौजूदा स्थिति में केवल करीब तीन दिन का स्टॉक बचा बताया जा रहा है।प्लांट को सामान्य संचालन के लिए प्रतिदिन करीब 20 हजार मीट्रिक टन कोयले की जरूरत होती है। इसके मुकाबले बारिश के कारण SECL से रोजाना केवल 3 से 4 हजार मीट्रिक टन कोयला ही पहुंच पा रहा है। आपूर्ति और खपत के बीच यह अंतर लगातार बढ़ता गया तो बिजली उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
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