टीईटी अनिवार्यता पर शिक्षकों का सरकार के खिलाफ मोर्चा, 27 अगस्त से सीएम और शिक्षा मंत्री के निवास पर अनिश्चितकालीन धरना..

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राजेश राठौर 

दैनिक दर्पण न्यूज़ 


सेवा सुरक्षा और न्याय के लिए सड़क पर उतरेंगे प्रदेशभर के शिक्षक साझा मंच ने आर-पार की लड़ाई का किया ऐलान..


रायपुर। प्रदेश के सेवारत शिक्षकों के लिए पदोन्नति में टीईटी अनिवार्यता का मुद्दा अब सरकार और शिक्षा विभाग के लिए बड़ा सिरदर्द बनता जा रहा है। शिक्षकों में बढ़ते आक्रोश के बीच शिक्षक साझा मंच ने 27 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और “सेवा सुरक्षा न्याय पदयात्रा” शुरू करने का ऐलान किया है।

 आंदोलन मुख्यमंत्री के निज निवास बगिया तथा शिक्षा मंत्री के निज निवास दुर्ग में किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग पर शिक्षकों की पीड़ा की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि टीईटी अनिवार्यता के चलते प्रदेश के हजारों सेवारत शिक्षकों में मानसिक तनाव और भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक लगातार विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर अपनी समस्याएं सामने रखते रहे, लेकिन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। अब मजबूर होकर शिक्षक सड़क पर उतरने जा रहे हैं।

शिक्षकों की सालों की सेवा को बिना टीईटी परीक्षा लिए पदोन्नति से बाहर करना हिटलर शाही निर्णय है जिसका दर्द आज 82 हजार सेवारत शिक्षक झेलने को मजबूर है।

अगर आज माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भी अगर शिक्षक टीईटी उत्तीर्ण नहीं कर पाए तो इसका जवाबदार स्कूल शिक्षा विभाग और राज्य सरकार दोनों है।

क्योंकि सरकार ने टीईटी परीक्षा के लिए कोई प्रयास ही नहीं किया 

“27 अगस्त का आंदोलन सम्मान और अस्तित्व की लड़ाई”

राठौर ने कहा कि 27 अगस्त से शुरू होने वाला आंदोलन महज पदोन्नति का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह शिक्षकों के आत्मसम्मान, अधिकार और सेवा सुरक्षा से जुड़ी निर्णायक लड़ाई है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि शिक्षकों को मानसिक तनाव से बाहर निकालने के लिए तत्काल सकारात्मक निर्णय लिया जाए और टीईटी अनिवार्यता के मामले में न्यायपूर्ण रास्ता निकाला जाए।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पदोन्नति में टीईटी अनिवार्य की जा रही है, तो क्या शिक्षा विभाग ने इससे पहले प्रदेश के सेवारत शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए पर्याप्त अवसर और स्पष्ट निर्देश दिए थे? उनका कहना है कि जिन शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करना जरूरी है, उन्हें परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाना चाहिए, न कि सीधे पदोन्नति के अधिकार से वंचित किया जाए।

स्कूल शिक्षा विभाग और राज्य सरकार सेवारत शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है जिसके चलते कार्यरत शिक्षक खुद को ठगा महसूस कर रहे है।

कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बसंत कौशिक ने कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग की नीति से सेवारत शिक्षकों में भारी असंतोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीईटी परीक्षा आयोजित कर शिक्षकों को पात्रता हासिल करने का अवसर देने के बजाय सीधे पदोन्नति में टीईटी को आधार बनाया जा रहा है, जिससे वरिष्ठ शिक्षकों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

“टीईटी का अवसर देना सरकार की जिम्मेदारी” के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र हरमुख ने कहा कि सेवारत शिक्षकों को टीईटी की पात्रता हासिल करने का अवसर देना राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि टीईटी को पदोन्नति का आधार बनाया जाता है तो 2014 के बाद नियुक्त शिक्षकों और पुराने सेवारत शिक्षकों के बीच पदोन्नति को लेकर गंभीर विसंगति पैदा हो सकती है।

हरमुख ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद काफी समय बीत चुका है। यदि सेवारत शिक्षकों के लिए समय रहते टीईटी परीक्षा आयोजित की जाती, तो अब तक बड़ी संख्या में वरिष्ठ शिक्षक परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके होते। लेकिन विभाग ने ऐसा नहीं किया।

सरकार से सीधी मांग—पहले परीक्षा, फिर पदोन्नति

शिक्षक संगठनों का कहना है कि सेवारत शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने का अवसर दिए बिना उन्हें पदोन्नति से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है। साझा मंच के नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास राजपूत , सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पांडे। लेलून भारद्वाज कृष्ण कुमार नवरंग ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर टीईटी अनिवार्यता के मामले में सकारात्मक निर्णय लेने, सेवारत शिक्षकों के लिए परीक्षा आयोजित करने और उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

27 अगस्त से प्रस्तावित आंदोलन को शिक्षक संगठनों ने आर-पार की लड़ाई बताते हुए स्पष्ट किया है कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।


शिक्षक साझा मंच ने स्पष्ट किया कि सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता और शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान तक संघर्ष लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।


इस अवसर पर संगठन के दिलीप लहरें प्रांतीय मीडिया प्रभारी, गोकुल जयसवाल, छवि पटेल प्रांतीय पदाधिकारी,उमा पांडे प्रांतीय प्रवक्ता, हरीश गोपाल जिलाध्यक्ष,दिनेश तिवारी सचिव, विवेक राठौर,आशीष सिंह कार्य.अध्यक्ष, दिलीप भारती गुरु कोषाध्यक्ष,शशिकांत पांडे जिला संरक्षक, सुरेश साहू, रामभरोस पटेल, सुरेश खुँटे, अजय पांडे, अश्विनी टेंगवर,सुशील कुमार अनंत गेंदराम कुर्रे,कोमल प्रसाद वैष्णव, प्रकाश कुमार साहू, हेमचरण , हुतेश्वर राजवाड़े, अजय पांडे,सुरेश कुमार साहू, सुरेश कुमार खुँटे,जीवराखन कर्ष, संतोष कुमार, खमेंलाल धीवर,रामेश्वर आदित्य, संगीता सोनी, पार्वती सिंह, जयप्रकाश कश्यप,रामस्वरूप साहू,अजय मधुकर,कृष्ण कुमार यादव,संजय चौहान ब्लॉक अध्यक्ष,प्रमीत सिंह, देवेंद्र तिवारी,अरविंद यादव,मधुकर कारकेल संगीता सोनी नीलिमा मरकाम सहित जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे..!

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