बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सूचना के अधिकार अधिनियम और छत्तीसगढ़ लोक आयोग अधिनियम के दायरे को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस संजय के. अग्रवाल की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि लोक आयोग की जांच से जुड़े दस्तावेज, साक्ष्य और गोपनीय अभिलेख आरटीआई के माध्यम से तब तक सार्वजनिक नहीं किए जा सकते, जब तक दोनों कानूनों के बीच स्पष्ट कानूनी टकराव साबित न हो। अदालत ने इस मामले में राज्य सूचना आयोग के आदेश को अधिकार क्षेत्र से बाहर और कानून के विपरीत मानते हुए निरस्त कर दिया।
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