राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव, अब बायोमेट्रिक से ही मिलेगा अनाज, ओटीपी पर लगी रोक

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रायपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न वितरण को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश की सभी उचित मूल्य दुकानों में राशन का वितरण केवल ई-पॉस मशीन की बायोमेट्रिक प्रणाली के जरिए किया जाएगा। मोबाइल ओटीपी के माध्यम से खाद्यान्न वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था, लेकिन होगी निगरानी
हालांकि ऐसे हितग्राही जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक या 10 वर्ष से कम है और जिनका बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है, उन्हें विशेष परिस्थितियों में ओटीपी के माध्यम से राशन दिया जा सकेगा। इसके लिए संबंधित हितग्राहियों की सूची विभाग को उपलब्ध करानी होगी, ताकि समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान संचालक ने खुद खरीदा राशन
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी ने रायपुर की कई उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण किया। उनके साथ अपर संचालक नीलम एल्मा और जिला खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा भी मौजूद रहे।

देवेंद्रनगर स्थित राशन दुकान पहुंचकर उन्होंने बायोमेट्रिक प्रणाली से हो रहे खाद्यान्न वितरण का निरीक्षण किया। व्यवस्था को बेहतर ढंग से समझने के लिए उन्होंने अपने राशन कार्ड का उपयोग करते हुए ई-पॉस मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन कराया और 20 किलो एपीएल चावल खरीदा। इसके बदले निर्धारित राशि का भुगतान भी किया।

राशन दुकानदारों को दी गई स्पष्ट चेतावनी
जिला खाद्य नियंत्रक ने सभी राशन दुकान संचालकों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना अनुमति किसी भी हितग्राही को ओटीपी के माध्यम से खाद्यान्न वितरित न किया जाए। यदि किसी बुजुर्ग या बच्चे का फिंगरप्रिंट सत्यापन नहीं हो रहा है, तो पहले संबंधित निरीक्षक को जानकारी देना और अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

हितग्राहियों से लिया फीडबैक, व्यवस्था पर जताया संतोष
निरीक्षण के दौरान डॉ. फरिहा आलम ने राशन लेने पहुंचे कई हितग्राहियों से भी बातचीत की। उन्होंने वितरण प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी ली। अधिकांश हितग्राहियों ने बताया कि बायोमेट्रिक प्रणाली के जरिए उन्हें आसानी और पारदर्शिता के साथ खाद्यान्न प्राप्त हो रहा है।

मोवा की दुकान में भी जांच, वितरण व्यवस्था का लिया जायजा
देवेंद्रनगर के बाद संचालक मोवा स्थित उचित मूल्य दुकान भी पहुंचीं। वहां उन्होंने पंजीकृत हितग्राहियों की संख्या, खाद्यान्न वितरण की स्थिति और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। अधिकारियों ने वितरण प्रक्रिया को और अधिक सुचारू बनाने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।

पारदर्शी वितरण पर सरकार का जोर, फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
सरकार का मानना है कि बायोमेट्रिक आधारित वितरण प्रणाली से पात्र हितग्राहियों तक राशन की पहुंच सुनिश्चित होगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़े पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

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