बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के कारोबारी विजय कुमार केला को सर्वोच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है. न्यायालय ने उनकी अपील स्वीकार करते हुए सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी, आरोपपत्र और निचली अदालत की कार्यवाही को निरस्त कर दिया है.सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि जब किसी ऋण खाते का निपटारा बैंक और ऋणग्राही के बीच आपसी सहमति से हो चुका हो तथा उस समझौते को ऋण वसूली अधिकरण की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी हो, तब उसी मामले में बाद में धोखाधड़ी का आपराधिक प्रकरण चलाना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग माना जाएगा.यह निर्णय न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान की पीठ ने सुनाया.
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