सुकमा। कभी नक्सल गतिविधियों से जुड़े रहे पोडियाम राजू, मनीष लखमा और कलमू कोसा आज आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन चुके हैं। हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने वाले इन युवाओं ने अब सम्मानजनक जीवन की राह चुन ली है। शासन की पुनर्वास योजना की मदद से उन्हें नया अवसर मिला और आज वे ई रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं।
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