छत्तीसगढ़ : में नक्सल विरोधी अभियान लगातार निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। इसी कड़ी में पखांजूर के माचपल्ली जंगल क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच जोरदार मुठभेड़ जारी है। इस कार्रवाई में मेढकी LOS कमांडर रूपी को जवानों ने मार गिराया है, जिसकी लंबे समय से तलाश की जा रही थी।
बड़े कैडर के खात्मे की ओर बढ़ता बस्तर
कांकेर के एसपी निखिल राखेचा के अनुसार, बस्तर क्षेत्र में सक्रिय अधिकांश बड़े नक्सली कैडर या तो मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। रूपी को इस इलाके की अंतिम प्रमुख कमांडर के रूप में देखा जा रहा था, जिसके मारे जाने से नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
गरियाबंद में भी सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी
वहीं दूसरी ओर गरियाबंद और ओडिशा की सीमा से लगे इलाकों में भी सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की है। CRPF की टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान सोनाबेड़ा अभ्यारण्य के पास ढेकुनपानी जंगलों में भारी मात्रा में विस्फोटक और संदिग्ध सामग्री बरामद की है।
बड़ी साजिश नाकाम, भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त
सुरक्षाबलों को मौके से जो सामग्री मिली है, वह नक्सलियों की खतरनाक योजना की ओर इशारा करती है। जब्त सामान में 70 जिलेटिन की छड़ें शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल बड़े विस्फोटों में किया जाता है।
इसके अलावा 3 स्टील कंटेनर भी बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग टिफिन बम तैयार करने में किया जाता है। साथ ही 4 बंडल इलेक्ट्रॉनिक वायर भी मिले हैं, जिनसे विस्फोटकों को दूर से संचालित करने या सर्किट तैयार करने की योजना थी।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, अभियान जारी
इस पूरी कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां इलाके में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। लगातार हो रही मुठभेड़ों और बरामदगी से यह साफ है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है और सुरक्षाबल पूरी तरह से बढ़त बनाए हुए हैं।
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