सक्ती स्थित वेदांता प्लांट में भीषण बॉयलर ब्लास्ट – श्रमिकों की मौत पर INTUC ने न्यायिक जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की

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INTUC के जिला अध्यक्ष शशांक दुबे, जिला महासचिव अब्दुल नफीस खान और जिला सचिव संजय कुमार पटेल ने छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित के प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे गंभीर लापरवाही और आपराधिक negligence का परिणाम बताया है।


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हादसे में कई श्रमिकों की मृत्यु हुई है तथा 50 से अधिक श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए हैं। यह घटना औद्योगिक सुरक्षा मानकों की पूरी तरह से विफलता को दर्शाती है।


यह पहली बार नहीं है जब वेदांता के संयंत्रों में इस प्रकार के हादसे हुए हैं। इससे पूर्व भी:


- BALCO में ESP गिरने की घटना

- GAP प्लांट में पिच टैंक ब्लास्ट


जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि कंपनी में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है।


⚠️ गंभीर आरोप


- श्रमिकों से असुरक्षित परिस्थितियों में कार्य कराया जाना

- किसी भी प्रकार की प्रभावी Safety Committee या Safety Audit का अभाव

- Factory Inspector, Boiler Inspector एवं Labour Authorities द्वारा नियमित निरीक्षण का अभाव

- श्रमिकों के जीवन के साथ लगातार खिलवाड़


📢 INTUC की प्रमुख मांगें


- इस पूरे मामले की न्यायिक जांच (Judicial Enquiry) कराई जाए

- Factory Owner एवं Factory Manager पर FIR दर्ज की जाए (धारा 304, 304A, 287, 338 IPC एवं कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 92 के तहत)

- मृतक श्रमिकों के परिजनों को ₹1-1 करोड़ मुआवजा दिया जाए

- घायल श्रमिकों को ₹50-50 लाख मुआवजा दिया जाए

- प्रत्येक मृतक के परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी दी जाए

- सभी घायलों का इलाज AIIMS या किसी सुपर मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल में कंपनी के खर्च पर कराया जाए

- दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए

- सभी वेदांता प्लांट्स का राष्ट्रव्यापी सेफ्टी ऑडिट कराया जाए

- प्रत्येक प्लांट में अनिवार्य सेफ्टी कमेटी का गठन किया जाए



🔥 महत्वपूर्ण बयान


INTUC ने कहा:


«“वेदांता में इस प्रकार के हादसे अब एक पैटर्न बन चुके हैं। यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि संस्थागत लापरवाही (institutional negligence) का परिणाम है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में और भी श्रमिक अपनी जान गंवा सकते हैं।”»



INTUC ने केंद्र एवं राज्य सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।



जारीकर्ता:

शशांक दुबे

जिला अध्यक्ष, INTUC (इंटक)


अब्दुल नफीस खान 

जिला महासचिव, INTUC (इंटक)


संजय कुमार पटेल 

जिला सचिव, INTUC (इंटक)

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