जांजगीर चांपा जिले के नगर पंचायत नरियारा में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले एक सप्ताह से लगातार मनमाने तरीके से बिजली बंद किए जाने से आमजन परेशान हो चुके हैं।
सुबह से रात तक गर्मी का कहर, फिर भी राहत नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह 8 बजे से लेकर देर रात तक गर्मी का असर बना रहता है, लेकिन इसके बावजूद बिजली विभाग बिना सूचना के कटौती कर रहा है। इससे घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है।
मेंटेनेंस के नाम पर कटौती, लेकिन जमीनी हकीकत पर सवाल
बिजली विभाग की ओर से मानसून पूर्व मेंटेनेंस का हवाला देकर लाइन बंद की जा रही है। हालांकि लोगों का आरोप है कि कटौती के बावजूद वास्तविक मेंटेनेंस कार्य नहीं होता। वहीं दूसरी ओर बड़े उद्योगों को लगातार बिजली सप्लाई जारी रहती है, जिससे भेदभाव के आरोप भी लग रहे हैं।
हर साल वही स्थिति, बरसात में खुलती है तैयारी की पोल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने का दावा किया जाता है, लेकिन जब बारिश का मौसम आता है तो व्यवस्थाओं की पोल खुल जाती है। बार बार लाइन बंद होने से लोग अब तंग आ चुके हैं।
अधिकारियों से संपर्क नहीं, मोबाइल बंद होने का आरोप
सबसे बड़ी समस्या यह बताई जा रही है कि बिजली कटौती के दौरान संबंधित अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाता। लोगों का आरोप है कि जैसे ही बिजली जाती है, अधिकारियों के मोबाइल भी बंद हो जाते हैं, जिससे समस्या का समाधान नहीं मिल पाता।
जनप्रतिनिधि ने किया घेराव का ऐलान, 18 अप्रैल को बड़ा विरोध संभव
वार्ड नंबर 2 के पार्षद ने 18 अप्रैल को बिजली कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है। तय किया गया है कि कार्यालय खुलते ही विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। लोगों का कहना है कि अब चुप बैठने के बजाय सड़क पर उतरकर आवाज उठाई जाएगी।
लापरवाही से उपकरण भी खराब, व्यवस्था सुधारने की मांग तेज
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण कई बिजली उपकरण खराब हो चुके हैं, लेकिन उन्हें बदलने या सुधारने में देरी की जा रही है। अब जनता ने स्पष्ट कर दिया है कि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज होगा।
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