____गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में आज बैसाखी पर्व खालसा सृजन दिवस अत्यंत उत्साह एवं उल्लासपूर्वक मनाया गया

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नरेंद्र अरोड़ा ____गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में आज बैसाखी पर्व खालसा सृजन दिवस अत्यंत उत्साह एवं उल्लासपूर्वक मनाया गया इस अवसर पर अपार जन समुदाय एवं महिलाओं तथा नव निहालों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही विदित रहे कि सिख धर्म के दशम गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी ने वैशाख मास की प्रथम तिथि सन 1699 में पंजाब के आनंदपुर साहब केशगढ़ में विशाल ऐतिहासिक समागम का आयोजन किया जिसमें पूरे भारतवर्ष से आए हुए लगभग 80000 लोग शामिल थे इसी समागम के दौरान सिखों के दसवें गुरु ,गुरु गोविंद सिंह ने बलिदान हेतु पांच शीश की मांग की उनके आव्हान पर विभिन्न प्रांतो के पांच लोगों ने अपने अपने शीश को गुरु चरणों में न्योछावर कर दिया इन्हीं पांच व्यक्तियों को गुरु गोविंद सिंह ने अपने हाथों अमृत पिलाकर पांच प्यारों के रूप में विभूषित करते हुए खालसा पंथ की स्थापना की इसी याद में यह पर्व हर वर्ष बैसाखी के दिन मनाया जाता है जिसमें उन्होंने जाति धर्म भेद छोटे बड़े का उच्च नीच का भेदभाव ना करते हुए समानता का संदेश दिया इन पांच प्यारों में भाई दया सिंह लाहौर पंजाब भाई मोहकम सिंह द्वारिका गुजरात भाई साहब सिंह बीदर कर्नाटक भाई धर्म सिंह हस्तिनापुर मेरठ उत्तर प्रदेश भाई हिम्मत सिंह जगन्नाथ पुरी उड़ीसा के शामिल रहे खालसा पंथ की स्थापना का मूल उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग में समानता और एकता का संदेश देते हुए सभी प्रकार के भेदभाव जातिगत उच्च नीच की भावना को पूर्णता समाप्त करना है इस पंथ की स्थापना के द्वारा अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष करने हेतु खालसा फौज की स्थापना भी हुई जिन्होंने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए अत्याचारियों के विरुद्ध लगातार संघर्ष किया गुरु के सच्चे खालसा जिनकी पहचान अनुशासन है जिन्हें इन पांच को अनिवार्य रूप से धारण करना पड़ता है जो कि केश,कृपाण ,कड़ा , कक्षा कंघा है यही खालसा की पहचान है खालसा पंथ के बैसाखी के दिन सृजन की स्थापना दिवस की याद में गुरु सिंह सभा मनेंद्रगढ़ में आयोजन पश्चात विशाल रूप में गुरु के अटूट लंगर प्रसाद वितरित किया गया इस आयोजन में गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा की कार्यरत कमेटी के सभी सदस्यों के साथ समस्त संगत ने अपना योगदान दिया

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