कोरिया : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में पंचायत स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं का गंभीर मामला उजागर हुआ है। ग्राम पंचायत केशगवां में लगभग तीन लाख रुपये की राशि के कथित फर्जी आहरण और गबन के आरोप सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पंचायत सचिव श्यामलाल सूर्यवंशी को निलंबित कर दिया है।
जांच में अनुपस्थित रहे सचिव, दस्तावेज भी नहीं मिले
जिला कलेक्टर के निर्देश पर गठित जांच समिति ने पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान सचिव न तो उपस्थित हुए और न ही आवश्यक रिकॉर्ड या दस्तावेज प्रस्तुत किए। इससे मामले को और गंभीर माना गया।
डिजिटल सिस्टम में भी मिली गड़बड़ी की पुष्टि
जांच में यह भी सामने आया कि ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर सरपंच के यूजर प्रोफाइल में सचिव का मोबाइल नंबर दर्ज था। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला कि सचिव ने सरपंच के डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर राशि का आहरण किया।
नियमों के उल्लंघन पर हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई
इस पूरे मामले को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 और ग्राम पंचायत नियम 1999 के उल्लंघन के रूप में देखा गया। इसके आधार पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गाइडलाइन के तहत तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई।
निलंबन अवधि में सोनहत होगा मुख्यालय
निलंबन के बाद श्यामलाल सूर्यवंशी का मुख्यालय जनपद पंचायत सोनहत निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
जांच आगे जारी, प्रभार बदले गए
मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। उपसंचालक पंचायत कोरिया को जांच अधिकारी और जनपद पंचायत सोनहत के सीईओ को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाया गया है।
साथ ही पंचायत कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए केशगवां का अतिरिक्त प्रभार शिवनारायण साहू और बसवाही का प्रभार रामप्रकाश साहू को सौंपा गया है।
प्रशासन का सख्त संदेश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी तरीके से होगी और दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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