गौरेला-पेंड्रा-मरवाही -- छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार द्वारा 1 मई से 15 जून तक प्रस्तावित “सुशासन तिहार ” को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष गजमति भानू ने विस्तृत बयान जारी कर इस कार्यक्रम को पूरी तरह विफल करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन जनता की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने और सरकारी नाकामियों पर पर्दा डालने का एक प्रयास मात्र है।
गजमति भानू ने अपने बयान में पिछले वर्ष आयोजित सुशासन तिहार का हवाला देते हुए कहा कि उस दौरान भी बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बार गांवों और कस्बों में लगाए गए शिविरों में आम लोगों की समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, बल्कि केवल औपचारिकताएं पूरी की गईं। अनेक शिकायतें लंबित रहीं और अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण जनता को निराश होकर लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि पिछली बार किसानों, श्रमिकों और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दे जैसे बिजली की कमी, पेयजल संकट, सड़क की खराब स्थिति और राशन वितरण में अनियमितताएं प्रमुख रूप से सामने आई थीं, लेकिन इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका। इसके बावजूद सरकार एक बार फिर उसी “सुशासन तिहार ” को दोहराकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल प्रचार-प्रसार पर ध्यान दे रही है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था चरमराई हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में सुशासन चाहती है, तो उसे पहले जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि महज आयोजन करके अपनी उपलब्धियां गिनानी चाहिए। गज़मती भानू ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और सरकार की विफलताओं को उजागर करेगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस बार भी जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिला कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष एवं विधायक प्रतिनिधि पंकज तिवारी ने छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार द्वारा 1 मई से 15 जून तक चलाए जाने वाले तथाकथित “सुशासन तिहार ” पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे पूरी तरह से जनविरोधी और दिखावटी कार्यक्रम बताया है।
कोटा विधायक प्रतिनिधि पंकज तिवारी ने कहा कि प्रदेश में आज किसान, मजदूर, युवा और आम नागरिक अनेक समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार इन मूल मुद्दों का समाधान करने के बजाय “सुशासन तिहार ” जैसे आयोजनों के माध्यम से केवल प्रचार-प्रसार में लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी बढ़ रही है, और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है राजस्व विभाग का भ्रष्टाचार चरम पर है
उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में सरकार सुशासन देना चाहती है, तो उसे पहले किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सुरक्षा और आम जनता को राहत देने के ठोस कदम उठाने चाहिए। केवल कार्यक्रमों और आयोजनों से जनता का भला नहीं होने वाला। पंकज तिवारी ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी इस “सुशासन तिहार ” के नाम पर हो रहे सरकारी खर्च और प्रचार का विरोध करती है तथा मांग करती है कि सरकार जनता के पैसे का दुरुपयोग बंद कर वास्तविक विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करे। जिला कांग्रेस कमेटी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही आम जनता के साथ खड़ी है और भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लगातार आवाज उठाती रहेगी।
अंत में उन्होंने कहा कि “सुशासन तिहार ” का वास्तविक उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करे। अन्यथा यह कार्यक्रम भी पिछले वर्ष की तरह केवल एक दिखावा बनकर रह जाएगा।


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