रायपुर: राजधानी रायपुर के खम्हारडीह इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कंस्ट्रक्शन कारोबारी का ड्राइवर ही 50 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। इस घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है।
बैंक बंद होने का बना बहाना: रास्ते में रची गई पूरी साजिश
पुलिस के मुताबिक खम्हारडीह निवासी कारोबारी उमेश अग्रवाल ने 24 अप्रैल को अपने अकाउंटेंट भूपेंद्र देवांगन को बैंक में पैसा जमा करने के लिए भेजा था। ड्राइवर कृष्णा साहू भी उनके साथ था। बैंक बंद मिलने के बाद दोनों वापस लौट रहे थे, तभी गीतांजलि नगर के पास ड्राइवर ने गुटखा लाने के बहाने अकाउंटेंट को गाड़ी से उतार दिया।
मौका मिलते ही फरार: 50 लाख लेकर गायब हुआ ड्राइवर
जैसे ही अकाउंटेंट गाड़ी से उतरा, ड्राइवर मौके का फायदा उठाकर नगदी से भरी गाड़ी लेकर फरार हो गया। घटना के बाद आरोपी अपने भाठागांव स्थित घर भी नहीं पहुंचा, जिससे उसकी तलाश और मुश्किल हो गई है।
कर्ज में डूबा था आरोपी: पैसों की जरूरत बनी वजह
जांच में सामने आया है कि आरोपी ड्राइवर कृष्णा साहू पर कर्ज था और पैसों की तंगी के चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों, खासकर धमतरी में दबिश दी है, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है।
पुलिस ने कारोबारी से मांगी जानकारी: रकम के स्रोत की जांच
इस मामले में पुलिस अब कारोबारी से भी पूछताछ कर रही है और रकम के स्रोत व हिसाब-किताब की जानकारी जुटा रही है, ताकि पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके।
हवाला ठगी का मामला भी बना सिरदर्द: 45 लाख की गुत्थी अब तक उलझी
इसी बीच शहर में 14 अप्रैल को सामने आए 45 लाख रुपये की हवाला ठगी का मामला भी अभी तक अनसुलझा है। श्रीराम मंदिर के पास एक कारोबारी से धोखाधड़ी कर रकम ले ली गई थी।
सीसीटीवी और मोबाइल नंबर के बावजूद गिरफ्तारी नहीं
हवाला मामले में पुलिस के पास आरोपी का सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल नंबर जैसे अहम सुराग मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है।
लगातार बढ़ती घटनाएं: सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
रायपुर में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं पुलिस के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इन दोनों मामलों को कब तक सुलझा पाती है और आरोपियों तक पहुंचती है।
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