मध्य प्रदेश : में इस बार गर्मी ने तय समय से पहले ही अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि कई शहरों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। तेज धूप और लू के कारण दोपहर के समय सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी काफी कम नजर आ रही है।
मैहर में बड़ा फैसला: कक्षा 5 तक के स्कूल बंद
भीषण गर्मी को देखते हुए मैहर जिले में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार कक्षा 5वीं तक के सभी स्कूल 30 अप्रैल तक बंद रहेंगे। यह आदेश सरकारी, निजी, सीबीएसई और सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा।हालांकि कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल पहले की तरह ही संचालित रहेंगे, लेकिन समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। स्कूल सुबह साढ़े 7 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक खुले रहेंगे।
बच्चों की सेहत को प्राथमिकता, लेकिन शिक्षकों को राहत नहीं
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य और लू के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखकर लिया गया है। हालांकि शिक्षकों को इस आदेश में कोई छूट नहीं दी गई है। उन्हें पहले की तरह स्कूल में उपस्थित रहकर शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य करने होंगे।
मौसम ने बदला रुख, पहली बार वार्म नाइट का अलर्ट
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के 9 शहरों में वार्म नाइट का अलर्ट जारी किया है, जो इस सीजन का पहला ऐसा अलर्ट है। इसका मतलब है कि रात के समय भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार वार्म नाइट की स्थिति में रात का तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहता है, जिससे शरीर को ठंडक नहीं मिल पाती।
रात में भी नहीं मिल रही राहत, स्वास्थ्य पर असर की आशंका
भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन समेत कई शहरों में तापमान लगातार 42 डिग्री के आसपास बना हुआ है। दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म रहने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसी स्थिति में एसी और कूलर भी पूरी तरह राहत नहीं दे पाते।
तेज गर्मी का असर, प्रशासन सतर्क
समय से पहले आई इस भीषण गर्मी ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों को सतर्क कर दिया है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, ताकि लू और गर्मी से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सके।
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