मया होगे' के शोर में कितनी जान? क्या 'प्यार झुकता नहीं अगेन' सिर्फ रील्स तक सीमित ?

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रायपुर - भारती वर्मा के निर्देशन में बनी फिल्म 'डार्लिंग प्यार झुकता नहीं अगेन' इस हफ्ते रिलीज हुई। फिल्म का गाना 'मया होगे' रिलीज से पहले ही ग्लोबल चार्टबस्टर बन चुका था, लेकिन क्या फिल्म भी उतनी ही प्रभावी है? आइए तकनीकी और कलात्मक पहलुओं से इसे समझते हैं।

कहानी: एकतरफा चाहत और कॉलेज का त्रिकोण

फिल्म की कहानी एकतरफा प्यार की पुरानी यादों को ताजा करती है। सोनिया (श्रीपरणा), जो एक सैलून संचालक की बेटी है, स्कूल के दिनों से ही लवेश (नितिन देशमुख) को चाहती है। लेकिन लवेश की क्लासमेट मिताली भी लवेश को चाहती है। पूरी फिल्म इन्हीं के बीच कॉलेज की रंजिशों, बाइक रेस और डांस कॉम्पिटिशन के इर्द-गिर्द घूमती है।

सामाजिक संदेश: रैगिंग का काला चेहरा

फिल्म सिर्फ प्रेम कहानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कॉलेज में रैगिंग के खतरे को भी प्रमुखता से दिखाती है। फिल्म के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि रैगिंग किस तरह छात्रों के जीवन और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल सकती है। सामाजिक सरोकार के इस पुट ने फिल्म को थोड़ा गंभीर बनाया है।

अभिनय और तकनीकी पक्ष

 अभिनय: सोनिया और मिताली के किरदारों ने अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय किया है। दोनों अभिनेत्रियों की स्क्रीन प्रेजेंस अच्छी है। डेब्यू कर रहे नितिन देशमुख (लवेश) का अभिनय औसत से थोड़ा बेहतर है।

  सिनेमैटोग्राफी व संगीत: फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसकी सिनेमैटोग्राफी और संगीत है। विजुअल्स को काफी खूबसूरती से फिल्माया गया है और बैकग्राउंड स्कोर के साथ सिग्नेचर टोन दर्शकों को जोड़कर रखती है।

कमजोर कड़ी

भारती वर्मा का निर्देशन औसत रहा। फिल्म का सबसे बड़ा 'ड्रॉबैक' इसका कमजोर स्क्रीनप्ले है। 'मया होगे' गाना पहले 15 मिनट में ही आ जाने के कारण, बाकी की फिल्म अपनी लय बनाए रखने के लिए संघर्ष करती नजर आती है। अंत काफी दुखद रखा गया है जो हर किसी के गले नहीं उतरता।

रेटिंग चार्ट

 - 0.5 स्टार: सुपरहिट गीत-संगीत और बेहतरीन सिग्नेचर टोन के लिए।

 - 0.5 स्टार: शानदार सिनेमैटोग्राफी और विजुअल्स के लिए।
 
- 0.5 स्टार: सोनिया-मिताली के अभिनय और रैगिंग जैसे गंभीर मुद्दे को उठाने के लिए।

 - 0.5 स्टार: बैकग्राउंड स्कोर और अन्य तकनीकी पक्षों के लिए।

कुल रेटिंग: 2/5 स्टार

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