महिला दिवस पर महिला शक्ति को सम्मानित कर हम अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं विधायक अटल श्रीवास्तव।

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महिलाएं समाज की आधारशिला है अपनी मेहनत और लगन के बल पर समाज के हर क्षेत्र में अपना मुकाम हासिल कर रही हैंf महिला दिवस पर महिला शक्ति को सम्मानित कर हम अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं विधायक अटल श्रीवास्तव करगी रोड कोटा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नगर के अग्रसेन भवन में महिलाओं के सम्मान में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की गई।

समारोह में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं जज, डॉक्टर, इंजीनियर, महिला प्राचार्य, शिक्षिकाओं तथा मितानिनों को शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर ससम्मान सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक अटल श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिलाएं समाज की आधारशिला हैं, जो अपनी शक्ति, बुद्धिमत्ता और संघर्षशीलता के बल पर हर क्षेत्र में सफलता अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आज की नारी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा के क्षेत्र में समान अवसर प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रही है और अपने हौसले से समाज को नई दिशा दे रही है। उन्होंने सभी से ऐसा वातावरण बनाने का आह्वान किया, जिसमें हर नारी बिना किसी भेदभाव और बाधा के अपने सपनों को साकार कर सके।

विधायक श्री श्रीवास्तव ने रानी लक्ष्मीबाई का उदाहरण देते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता में महिलाओं की अहम भूमिका रही है, इसलिए समाज को महिलाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर देने चाहिए ताकि एक सशक्त और समानता पर आधारित समाज का निर्माण हो सके।

इस अवसर पर समाजसेवी आदित्य दीक्षित ने कहा कि नारी त्याग, ममता और शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नारी के रूप में कभी सीता का धैर्य, कभी राधा का प्रेम और कभी शक्ति का स्वरूप देखने को मिलता है।जो कि सुबह से ही मजदूरी के लिए अपने-अपने घरों से निकल जाती है..ताकि उनके घर परिवार के लोगों को भूखा न सोना पड़े , घर का सारा काम करने के बाद अपनी थकावट अपनी तकलीफ के बजाए चेहरे पर मुस्कान बिखेरती रहती हमारे घरों के डस्टबिन में पड़े कचरे उठाने के लिए आपके हमारे घरों में दस्तक देती है इसलिए इन्हें भारत देश में देवी का दर्जा दिया गया है, जिन्होंने भारतवर्ष की रक्षा के लिए भारत की सीमाओं पर अपनी माथे की सिंदूर अपनी गोद सुनी कर आपको हमें अपने घरों में अपने गांवों में अपने शहरों में सुरक्षित रखा है। इसलिए इस

समारोह के माध्यम से नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा है, और उन्हें आगे भी समाज सेवा के लिए प्रोत्साहित करना इसका उद्देश है। अंत में श्री दीक्षित ने अपना जन्म दिन का केक काट कर मनाया ।

कार्यक्रम में नगर के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, महिला संगठनों की सदस्याएं एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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