छत्तीसगढ़ में लोक कलाकारों की कमी नहीं है ।

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दीपशिखा श्रीवास एक ऐसी कलाकार है जो कलश को अपने सर में रखकर लोक लुभावना नृत्य करती है।


राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ राज्य।


रायपुर ///भिलाई ///जांजगीर चांपा।।

छत्तीसगढ़ राज्य में फिल्मी कलाकारों के अतिरिक्त ऐसे कलाकार भी होते हैं जो कि हर नृत्य में पारंगत रहते हैं इस कड़ी में दीप शिखा श्रीवास अपने सर के ऊपर कलश रखकर मनमोहन लोक लुभावना नृत्य करके जनता का मन को मोह लेती है  हम बताना चाहेंगे दीपशिखा के विचारों को हमने साझा किया है वह इस प्रकार से है उनका मुखारविंद।


          ംमैं दीपशिखा श्रीवास पिता अमर श्रीवास जन्म स्थान कैंप 10नेहरू चौक वार्ड 27 भिलाई से हूं 

छत्तीसगढ़ के विख्यात लेकिन विलुप्तप्राय नृत्य " कलस नृत्य" को बचाने के लिए जुटी हुई हूं बचपन में खिलौनों को सिर पर संतुलन रखकर थिरकना शुरू किया उस समय अंदाजा नहीं था कि खेल खेल में एक महान नृत्यकला जो एकाग्रता,संयम व दृढ़ता का प्रतीक की साधना कर रही हूं।

प्रथम प्रतुति अपने स्कूल प्रांगण में किया तत्पश्चात प्रथम मंचीय प्रस्तुति लोककला महोत्सव भाटापारा में किया जिसने 3 कलस के साथ लगभग 7 से 8 वर्ष में शुरुआत हुई तब अब तक मेरा सांस्कृतिक यात्रा निरंतर जारी है लोक कला यात्रा की प्रेरणा मैने अपने पिता श्री अमर श्रीवास जी से लिया। जो वर्तमान में लोक दर्शन सांस्कृतिक संस्था के निर्माता निर्देशक हैं यह विगत 43 वर्षों से चला रहें ,यह नृत्य भी मुझे मेरी पिता की देन है जिसे मैं देश के विभिन्न राज्यों महानगरों में अपनी प्रतिभा से ख्याती अर्जित की ।

कलस नृत्य अत्यंत कठिन विधा हैं और इस नृत्य को करने वाली वर्तमान में केवल मैं अकेली हूं पहले यह नृत्य संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में , लोककला महोत्सव में देखने मिलता था किन्तु अब यह प्रायः लुप्त हो रही हैं आखरी बार राजिम मेले 2007 में देखा गया हैं जिसे करने वाली नृत्यांगना भी विलुप्त है।


नृत्य की प्रति भावना मेरी पिता जी से जागी बचपन में उन्हें सिखाता और करते देख कर इसलिए मैं इस धरोहर को संभालने आगे आई।


नृत्य के दौरान काफी लोगों में सराहना किया और कुछ लोगों ने कहा नृत्य में कुछ नहीं हैं क्यों कर रहे हैं पर मेरे पिता ने मेरे साथ खड़े रहे आज मैं एक राष्ट्रीय कलाकार हूँ।पिता के पैतृक कार्य सैलून से परिवार का लालन पालन हुआ हैं और मेरी सम्पूर्ण पढ़ाई भी मेरे पिता माता जी ने मेरा साथ खड़े रहें ।


लोककला यात्रा के साथ साथ मैने पढ़ाई में भी ध्यान रखा।

12 वीं तक मैने शिक्षा निज स्थान समीप से लिया, बी एस सी गणित की , मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (MCA) ।

हैदराबाद में एक वर्ष तक कार्य लिया सॉफ्टवेयर इंजीनिंग base में पर मेरी रुचि अपनी लोक संस्कृति की ओर बचपन से इसलिए बस नोकरी छोकरकर छत्तीसगढ़ आ गई और पिता जी के संस्था लोक दर्शन में समर्पित किया।

मै सेन समाज से हूं सेन समाज सदैव प्रोत्साहित करता रहा व अन्य समाज से भी बहुत बधाई आशीर्वाद मिले और अब तक मिलते हैं उनका आशीर्वाद स्नेह।


मैने राष्ट्रीयपति व प्रधानमंत्री के सामने भी प्रस्तुति दी

आदि महोत्सव 2023 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के समक्ष व आदि महोत्सव 2024 में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपति मुर्मू के समक्ष प्रस्तुति की ।


मेरी प्रस्तुति पूर्व मुख्यमंत्री  रमन सिंह जी से बहुत बहुत सहारना की थी व अपने समक्ष बैठकर राजथाना की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी को नृत्य के अवलोकन कराया ।

वर्तमान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी द्वारा सम्मान और समक्ष प्रस्तुति दी, विधायक रि केश सेन द्वारा गौरव सम्मान,संसद विजय बघेल जी द्वारा कलासम्मान, पूर्व व वर्तमान में प्रायः सभी मंत्री सदस्यों विधायक जी समक्ष प्रस्तुति दी एवं 

बेटी प्रतिभावान सम्मान और नारी शक्ति सम्मान , कला संवर्धन सम्मान व सभी विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम राज्योत्सव रायपुर,पोल महोत्सव,राजिम कल्प मेला,तालपुरी मेला, दशहरा मेला बस्तर, चक्रधर महोत्सव,मानपुर मेला, नारायणपुर मेला,जशपुर महोत्सव,आदि समस्त आयोजित  कार्यक्रम उत्सवों व सभी जिलों में मेला मंडाई में अपनी प्रस्तुति से वहवाही बटोरी व अनेकों सम्मान प्राप्त हुए हैं।


राष्ट्रीय स्तर में - प्रयागराज महाकुंभ में प्रस्तुति,दिल्ली प्रगति मैदान, मेज़र ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम नई दिल्ली में प्रस्तुति,गुजरात,हरियाणा पंजाब उत्तराखंड, कलकत्ता, झारखंड, हैदराबाद,मुंबई, मध्यप्रदेश,उड़ीसा, राजस्थान आदि जगह में अपनी नृत्य की प्रस्तुति से ख्याती अर्जित की हैं।



टीवी शो के लिए भी हुई चयनित

 

सतरंगी सीरियल जी टीवी शो उस पर केंद्रित एक एपिसोड बना। मुंबई से पूरी टीम आई थी जिसमें पंडवानी गायिका पद्मविभूषित श्रीमती तीजन बाई और दीपशिखा श्रीवास का शूट हुआ और 11 नम्बर को एपिसोड में कास्ट हुआ आगे भी सीरियल के लिए चयनित हुई किन्तु पढ़ाई चलने की वजह से नहीं जा पाई।


दीपशिखा के लोक नृत्य करने के विशेष अंदाज यह है कि कलश नृत्य में 9 कलश को एक साथ अपने सर पर रखकर मनमोहन नित्य करती है और नृत्य के दौरान में जमीन से रुमाल उठाना और पीतल की थाली को भी उठाने का एक अच्छी नृत्य के अंतर्गत में इनकी अंदाज है और यह भी कहा जाता है तलवार की धार पर नाचने का कार्य करती हुई अपनी प्रस्तुति देती है जो की इस तरह की फिल्मों में नहीं होता जो कि अपने लोक लुभावना नृत्य से अपने आप को भाग्यशाली समझता है कहा जाता है कि जिसके मन में दृढ़ निश्चय रहती है वह सभी कार्य को कर लेती है मीडिया परिवार की ओर से दीपशिखा श्वास की उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।

[4:18 pm, 24/02/2026] +91 88158 27874: डार्लिंग प्यार झुकता नहीं पार्ट 3 का प्रमोशन नहीं हो पा रहा है ।



निर्मात्री की द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं करने पर।




रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ राज्य। 



छत्तीसगढ़ी फिल्म डार्लिंग प्यार झुकता नहीं पार्ट 3 का निर्माण हो चुका है जिसका प्रदर्शन 27 फरवरी से प्रदर्शित होने वाली है जिसका ओपन मीटअप का कार्यक्रम कमजोर रहा इसलिए कमजोर रहा क्योंकि नए कलाकारों को लेकर फिल्म को बनाई गई है और नई कलाकारों की जो जोश और उमंग है वह नहीं के समान था और भारतीय वर्मा फिल्म के निर्मात्री इस कॉन्फिडेंस में है कि मेरी यह फिल्म भी सुपर डुपर हिट होगी बाकी सुपरहिट नहीं हो सकती क्योंकि नए हीरो को कोई जान नहीं सकता कोई पहचान नहीं सकता कहा जाता है जिसको जानता है एक कहावत है जो माल की बोली लगता है उसी का ही समान बाजार में बिकता है।


टॉकीज में प्रदर्शित करने के लिए मात्र तीन दिन का ही समय है 3 दिन के अंतर्गत टॉकीज लिस्ट भी नहीं है फिल्म की प्रचार प्रसार भी नहीं हो रही है ना प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही है।


टॉकीज लिस्ट की भी पता नहीं है किसी को वैसे कहा भी जा सकता है कि ईश्वर से जितनी भी फिल्म 2026 में रिलीज हो रही है टॉकीज में लगने के पश्चात 2 दिन चलती है फिर से बॉक्स ऑफिस चली जाती है रिटर्न इसलिए की फिल्म की कहानी और कलाकार में डिफरेंस रहती है तो अधिकांश फिल्म सुपर फ्लॉप हो जाती है इस तरह से डार्लिंग प्यार झुकता नहीं पार्ट भी सुपर फ्लॉप होने की संभावना है फिल्म को टॉकीज में प्रदर्शित होने के लिए तीन दिन का समय है और इस 3 दिन के अंदर में ना फिल्म की प्रमोशन नहीं हो रही है ना प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही है किसी भी प्रकार की कार्य नहीं हो रही है जिसकी वजह से फिल्म सुपर फ्लॉप होने की संभावना सबसे ज्यादा रह जाती है इसलिए कि भारतीय वर्मा की जो भी फिल्म बनती है सुपर फ्लॉप हो जाती हैं। 


रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़।

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