नहीं होता फिल्म प्रमोटरों का सम्मान छत्तीसगढ़ी इंडस्ट्री में अपना योगदान देने के बाद भी नहीं मिलता सम्मान।

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पत्रकारों को भी सम्मान नहीं मिलता।


रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ राज्य।


सभी फिल्म का प्रमोशन करते है और सभी निर्माता निर्देशक और अभिनेता अभिनेत्री और फिल्मों से जोड़े कलाकारों का सभी के  फ़िल्मों प्रमोशन करने के जी जान से मेहनत करते है और दिन रात फेसबुक इंस्टाग्राम सभी सोशल मीडिया के माध्यम से म अपडेट देते है फेर भी प्रमोटरों भाइयों कोई भी नहीं समझता और बस 

एक माजदूर समझ कर भूल जाते है आखिर क्यों 

और खुद प्रमोटरों को निर्माता निर्देशक और अभिनेता अभिनेत्री और फिल्म से जुड़े कलाकारों के पास जा कर बताया पड़ता है कि मैं प्रमोटर की आपकी फिल्म का प्रमोशन किया था तब जा कर पहचान ये है थोड़ा सा फेर प्रमोटरों से कोई मतलब नहीं रखते 

जितनी मेहनत निर्माता निर्देशक और अभिनेता अभिनेत्री और कलाकार करते है उतना मेहनत प्रमोटर लोग भी करते है फेर भी प्रमोटरों का क्यों नहीं होता सम्मान 



छत्तीसगढ़ी फ़िल्म प्रमोटर के लिए छत्तीसगढ़ी फ़िल्म एसोसिएशन अउर   छत्तीसगढ़ी फ़िल्म विकास निगम को प्रमोटर लोगो के लिए भी सोचना चाहिए क्योंकि फ़िल्म का सबसे ज्यादा प्रचार प्रसार जमीनी स्तर मे प्रमोटरो के द्वारा ही किया जाता है फिर भी किसी भी फ़िल्म मे प्रमोटर लोगो को आमंत्रित नहीं किया जाता, बल्कि प्रीमियर शो मे प्रमोटर लोगो को ताकिज़ के गेट मे रोका जाता है तो उनको बताना पड़ता है की वो फ़िल्म प्रमोटर है अउर किसी भी फ़िल्म के मुहूर्त मे या पोस्टर लॉन्चिंग कार्यक्रम मे भी प्रमोटर लोगो को स्टेज मेरे बुला के सम्मान नहीं किया जाता अउर सम्मान समारोह कार्यक्रम मे भी प्रमोटर लोगो को ना तो पुष्प गुच्छ से ना साल श्री फल से ना प्रतिक चिन्ह से किसी भी चीज मे प्रमोटर लोगो का सम्मान नहीं किया था बल्कि सबसे ज्यादा कार्य प्रमोटर लोगो का ही होता है बड़ा दुर्भाग्य की बात है इसलिये छत्तीसगढ़ी फ़िल्म एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ी फ़िल्म विकास निगम की अध्यक्ष को ध्यान देना चाहिए।



प्रमोटर का सम्मान तो होता ही नहीं है उसके साथ ही साथ पत्रकार भी अगर मन को फिल्मी खबर चलते हैं कोई सा भी का निर्माता निर्देशकों से विज्ञापन की मांग करते हैं तो विज्ञापन के लिए हाथ नहीं बढ़ता विज्ञापन के लिए बोलते हैं हमारे पास में फंड नहीं है जहां अगर मालूम लाखों करोड़ों रुपए खर्च करके फिर में बनाते हैं वहीं पर एक 5000 का या 10000 का विज्ञापन देने में कतराते हैं एवं पत्रकारों को भी सम्मान नहीं मिलता छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री के द्वारा।

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