नकली नोटों का खेल बेनकाब, 12.50 लाख के जाली नोट और प्रिंटर के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, उधारी चुकाने के लिए शुरू किया था धंधा

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 कवर्धा।
कबीरधाम जिले में पुलिस ने नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। संयुक्त पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 12.50 लाख रुपये के जाली नोट, नकली नोट छापने में इस्तेमाल किया जा रहा कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और टाटा पंच ईवी कार बरामद की गई है।पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने पुरानी उधारी चुकाने के लिए नकली नोट छापने का रास्ता चुना था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और आरोपियों ने अब तक कितने जाली नोट बाजार में चलाए हैं।

उधारी चुकाने के नाम पर दिए लाखों के नकली नोट, यहीं से खुला पूरा मामला

मामले की शुरुआत 9 अगस्त को हुई, जब दिनेश कुमार यादव को 4.50 लाख रुपये के जाली नोट दिए गए। यह रकम पुरानी 3.75 लाख रुपये की उधारी के भुगतान से जुड़ी थी।नोटों को देखने के बाद जब दिनेश कुमार को उनकी असलियत पर संदेह हुआ तो उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की और धीरे-धीरे नकली नोट तैयार करने वाले गिरोह तक पहुंच गई।

किराए के कमरे में चल रहा था नकली नोट छापने का काम

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी जुलाई 2026 से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे। इसके लिए उन्होंने नए बस स्टैंड के पास एक कमरा किराए पर लिया था।इसी कमरे में कलर प्रिंटर की मदद से जाली नोट तैयार किए जाते थे। इसके बाद इन नोटों को अलग-अलग लेन-देन के जरिए बाजार में चलाने की योजना बनाई जा रही थी। पुलिस को आशंका है कि आरोपी नकली नोटों को इस तरह इस्तेमाल करना चाहते थे कि सामान्य लेन-देन में उन पर आसानी से किसी का ध्यान न जाए।

तीन आरोपियों की गिरफ्तारी, लाखों की नकली करेंसी बरामद

पुलिस ने मामले में सतीश कुमार, रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कुल 12.50 लाख रुपये के जाली नोट बरामद हुए हैं।इसके अलावा पुलिस ने कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और टाटा पंच ईवी कार भी जब्त की है। बरामद सामान की जांच के साथ पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट तैयार करने और उन्हें खपाने के लिए आरोपियों ने किन साधनों और संपर्कों का इस्तेमाल किया।

बोडला, पोंडी और साइबर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से मिली सफलता

इस नेटवर्क तक पहुंचने के लिए थाना बोडला, चौकी पोंडी और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी और मैदानी जांच को आगे बढ़ाया, जिसके आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। अब उनसे विस्तार से पूछताछ की जा रही है।

क्या नकली नोटों का नेटवर्क और बड़ा है, पुलिस खंगाल रही पूरी कड़ी

पूछताछ का सबसे अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि आरोपियों ने अब तक कितनी नकली करेंसी तैयार की और उसे किन इलाकों में इस्तेमाल किया। पुलिस यह भी जांच रही है कि नोट छापने के लिए सामग्री और तकनीकी मदद उन्हें कहां से मिली।फिलहाल बाहरी गिरोह के सीधे जुड़े होने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि पुलिस सभी संभावित कड़ियों की जांच कर रही है, ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।

एसपी ने कहा, जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान जारी

कबीरधाम पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने कहा कि जिले में अवैध गतिविधियों और अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। नकली नोट तैयार करने वाले नेटवर्क का पता लगाकर आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता है।एसपी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ अभी जारी है। जांच आगे बढ़ने के साथ नकली नोटों के स्रोत, उनके वितरण और संभावित अन्य सहयोगियों के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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