बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवादों से जुड़े मामलों में महिलाओं की सुविधा और बच्चों की जिम्मेदारी को प्राथमिकता देने पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। जस्टिस एनके चंद्रवंशी की एकलपीठ ने कहा कि छोटे बच्चों की परवरिश कर रही महिला को लंबी दूरी तय कर अदालत आने के लिए मजबूर करना शारीरिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से अनुचित है। इसी आधार पर कोर्ट ने दुर्ग फैमिली कोर्ट में लंबित तलाक के मामले को कवर्धा फैमिली कोर्ट स्थानांतरित करने का आदेश दिया।
Post a Comment