गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : जिले में जनगणना 2027 के प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने पर दो सहायक शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशिक्षण में बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए शिक्षक
जानकारी के अनुसार, जनगणना कार्य से जुड़े प्रगणक और सुपरवाइजर का प्रशिक्षण 10 अप्रैल को पीएमश्री सेजेस विद्यालय मरवाही में आयोजित किया गया था। इस प्रशिक्षण में दोनों शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए।
नोटिस जिन शिक्षकों को जारी किया गया है उनमें प्राथमिक शाला डोंगराटोला के सहायक शिक्षक इजहार सिंह ओटी और प्राथमिक शाला बगड़ी के सहायक शिक्षक पवन कुमार कश्यप शामिल हैं।
जनगणना कार्य को बताया गया सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि जनगणना कार्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्य है। ऐसे में प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही और कर्तव्य के प्रति उदासीनता माना गया है।
नियमों के उल्लंघन का उल्लेख
नोटिस में कहा गया है कि शिक्षकों का यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मामले में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
24 घंटे में जवाब अनिवार्य
प्रशासन ने दोनों शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें। चेतावनी दी गई है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आगे की कार्रवाई पर नजर
इस मामले के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ने के संकेत मिले हैं। अब नजर इस बात पर है कि दोनों शिक्षक अपने जवाब में क्या सफाई देते हैं और प्रशासन आगे क्या निर्णय लेता है।
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