गढ़ उपरोड़ा/कोरबा।
कोरबा जिले के सुदूर वनांचल एवं दूरस्थ क्षेत्र ग्राम पंचायत देवपहरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम सोनारी में पर्यावरण संरक्षण की एक प्रेरणादायक घटना सामने आई है। ग्राम सोनारी के ग्राम वन प्रबंधन समिति के सदस्यों ने जाता पहाड़ और बमरेल पहाड़ के बीच जंगल में लगी भीषण आग को कड़ी मेहनत और तत्परता से बुझाकर जंगल को बड़े नुकसान से बचा लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जाता पहाड़ और बमरेल पहाड़ के बीच स्थित जंगल में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आग लगा दी गई थी, जिससे देखते ही देखते जंगल के बड़े हिस्से में आग फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया। आग की सूचना मिलते ही ग्राम वन प्रबंधन समिति सोनारी के सदस्य तुरंत सक्रिय हो गए और रात्रि लगभग 10 बजे मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया।
जंगल का इलाका पहाड़ी और घना होने के कारण आग बुझाना आसान नहीं था। बावजूद इसके ग्रामीणों ने साहस और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए एकजुट होकर आग बुझाने का अभियान चलाया। करीब तीन घंटे तक लगातार कड़ी मेहनत करने के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया और जंगल को बड़े नुकसान से बचा लिया।
बताया जाता है कि ग्राम वन प्रबंधन समिति सोनारी द्वारा हर वर्ष अपने आसपास के जंगलों की सुरक्षा के लिए इसी प्रकार सतर्कता और जिम्मेदारी निभाई जाती है। जंगल में आग लगने की सूचना मिलते ही समिति के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुट जाते हैं। ग्रामीणों का यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण और वन संपदा की रक्षा के लिए एक सराहनीय उदाहरण बन गया है।
इस घटना के दौरान एक खास बात यह भी रही कि उसी समय भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल क्रिकेट मैच चल रहा था, जिसे देशभर के लोग देख रहे थे। लेकिन ग्राम सोनारी के ग्रामीणों ने मैच देखने के बजाय जंगल और प्रकृति की रक्षा को प्राथमिकता दी और आग बुझाने के लिए तुरंत जंगल की ओर निकल पड़े।
इसी दौरान ग्राम वन प्रबंधन समिति सोनारी के सदस्य बुधराम पण्डो ने जंगल में आग बुझाते हुए ग्रामीणों का एक वीडियो बनाकर व्हाट्सएप पर साझा किया। वीडियो में देखा जा सकता है कि ग्रामीण रात के अंधेरे में एकजुट होकर आग बुझाने में लगे हुए हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों द्वारा ग्रामीणों के इस सराहनीय कार्य की जमकर प्रशंसा की जा रही है।
इस पुण्य कार्य के लिए एकल अभियान देवपहरी ने ग्राम वन प्रबंधन समिति सोनारी के सभी सदस्यों को सोशल मीडिया के माध्यम से धन्यवाद, साधुवाद और आभार व्यक्त किया है। एकल अभियान के कार्यकर्ताओं ने कहा कि जंगल और पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और सोनारी के ग्रामीणों ने जो कार्य किया है, वह पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जंगलों में आग लगाना या लापरवाही करना एक गंभीर अपराध है, जिससे प्रकृति, वन संपदा और वन्य जीवों को भारी नुकसान होता है। इसलिए सभी नागरिकों को जागरूक होकर जंगलों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।
सोनारी के ग्रामीणों की तत्परता, ईमानदारी और पर्यावरण के प्रति समर्पण की क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हर गांव के लोग इसी तरह अपने जंगलों की सुरक्षा के लिए सजग रहें, तो हमारे जंगल सुरक्षित रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रकृति की यह अनमोल धरोहर संरक्षित रह सकेगी।

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