महान छत्तीसगढ़ी पारिवारिक फिल्म मुरली का शुभारंभ हुआ।

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स्वर्गीय राजेश अवस्थी को पुलिस की भूमिका में देखा गया राजेश अवस्थी की यह अंतिम फिल्म थी।

दर्शकों की भीड़ बहुत ही कम थी।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा।

ममता फिल्म प्रोडक्शन के अंतर्गत सज धज कर तैयार हो चुकी फिल्म मुरली का प्रदर्शन 6 मार्च को शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के सिनेमाघर में प्रदर्शित किया गया यह फिल्म जासूसी फिल्म है क्राइम वाली फिल्म है सस्पेंस फिल्म है थ्रिलर वाली फिल्म है और मारधाड़ वाली फिल्म है देखने के बाद यह पता चलता है कि फिल्म में गाना काम है और क्राइम सबसे ज्यादा है।

यह फिल्म स्वर्गीय राजेश अवस्थी के द्वारा अभिनीत फिल्म अंतिम फिल्म थी जिस फिल्म में राजेश अवस्थी एक पुलिस अधिकारी के रूप में नजर आते हैं रोल करते हुए वैसे कहा जाए तो राजेश अवस्थी हर रोल के लिए माहिर थे क्योंकि चाहे उनको पुलिस अधिकारी का रोल दिया जाए चाहे रिक्शा वाले का चाहे ऑटो वाले का चाहे खेत जोतने वाला किस का रोल क्यों ना दे दिया जाए बखूबी वह अच्छे तरीके के साथ निभाते हुए अपनी पूरी जिंदगी को फिल्म इंडस्ट्री में लगा दिए थे किस्मत ऐसी लागी की जब हमारे संवाददाता फिल्म को देख तो उनको ऐसा लगा कि राजेश अवस्थी अभी वर्तमान में हमारे बीच में है मगर भगवान को यह मंजूर नहीं था कि उन्हें अचानक अपने पास बुला लिया राजेश अवस्थी को बोला भगवान ने जिंदगी का पिक्चर आपने बनाया है खूब मगर अब मेरे पास में आकर पिक्चर बना बोलकर बुला ले गए और इस तरह से राजेश अवस्थी एक दुर्घटना के शिकार हो गए और भगवान को प्यारे  हो गए।

अनु चौधरी का रोल एक जबरदस्त इन्वेस्टिगेशन अधिकारी के रूप में देखा गया है जो की काफी अच्छी रोल है अनु चौधरी की जिस तरह से अनु चौधरी भूमिका की है इसी तरह से आजकल के पुलिस अधिकारी को होना चाहिए क्राइम को रोकने के लिए फिल्म मुरली को अवश्य पुलिस विभाग देखें और उसका अनुसरण करें।

इस फिल्म में पुलिस और प्रेस वालों की सबसे ज्यादा रोल दिखाई गई है पुलिस अधिकारी पत्रकार के द्वारा जो सवाल जवाब किया जाता था उसको पुलिस अधिकारी के द्वारा जवाब दिया जाता था अपराध के संबंध में और कैसे आजकल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं सोशल मीडिया की छाप चौड़ में कैसे अपराध होती है उसको दिखाया गया है और कैसे रोका जाए उसके संबंध में संक्षिप्त में बताया गया है जानकारी को।

सबसे महत्वपूर्ण बात और है कि इस फिल्म के प्रीमियर के दौरान कलाकारों की टीम अनुपस्थित थी जिसकी वजह से फिल्म देखने वालों के पश्चात हीरोइन और हीरो के संबंध में जानकारी लिया गया फिल्म के डायरेक्टर के द्वारा पेंशन के डायरेक्टर ने कहा कि जो हीरो और जो हीरोइन है फिल्म में काम किए थे वह शूटिंग में व्यवस्था के का।रण उपस्थित नहीं हो पाए हैं। 

फिल्म काफी अच्छी है मगर मुरली का जो धुन था धुन में दर्शकों को मोहने की ध्वनि नजर नहीं आई इसलिए दर्शकों की भीड़ बहुत ही कम थी।

अर्थात काला कानून की अनुपस्थिति के कारण दर्शक विशेष नहीं थे।

हमारे संवाददाता कहते हैं कि इस तरह की सस्पेंस थ्रिलर जासूसी वाली फिल्म छत्तीसगढ़ी में पहली बार हमें देखने को मिला और कैसे अपराध होता है और कैसे अपराध को रोका जाता है और कैसे पुलिस और प्रेस की विशेष भूमिका रहती है उसे संबंध में विशेष जानकारी इस फिल्म में बताया गया है फिल्म निर्माण प्रक्रिया के अधीन में। 

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ राज्य।

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