महान छत्तीसगढ़ी पारिवारिक फिल्म ईश्वर सत्य है का स्क्रीनिंग रायपुर में संपन्न हुआ।

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छत्तीसगढ़ राज्य के राजधानी में 21 मार्च को सबसे बड़ी ऐतिहासिक एवं सत्य घटनाओं पर आधारित फिल्म ईश्वर सत्य है फिल्म दंगल द वीरनपुर का स्क्रीनिंग कमेटी में फिल्म के कलाकारों एवं निर्माता निर्देशक एवं पत्रकार दोनों की संयुक्त बहस की सुनवाई हुई है वह इसलिए सुनवाई रखा गया था की फिल्म दंगल द बिरनपुर फिल्म बन चुकी है यह विधायक ईश्वर प्रसाद साहू के पुत्र भुवनेश्वर प्रसाद साहू के यादगार में बनी फिल्म जो की सत्य घटनाओं पर आधारित फिल्म है। वाई आर फिल्म प्रोडक्शन के बैनर में एवं गोंडवाना फिल्म की प्रस्तुति में बनी फिल्म है जिसका स्क्रीनिंग हुआ स्क्रीनिंग के पश्चात फिल्म के निर्माता के द्वारा निम्न कथन किया गया है।



हेमलाल चतुर्वेदी का कथन है कि मेरी यह काहे की चिंता है काका जिंदा है के बाद दूसरी ऐसी फिल्म है जो की सत्य घटनाओं पर आधारित फिल्म है ईश्वर प्रसाद साहू के पुत्र भुवनेश्वर प्रताप साहू की जिस तरह से सांप्रदायिक दंगे में बर्बरता पूर्वक हत्या कर दी जाती है जिसकी सत्यता हमें मालूम हुई और उसे सत्यता के अनुसार हम नहीं फिल्म का निर्माण किया है जो की विधायक ईश्वर प्रसाद साहू के जीवन में जो घटना हुई है उसको हमने फिल्मों के माध्यम से हमने दिखाने का अथक प्रयास किया है जनता इसे अवश्य अपना स्नेह भरा प्यार देंगे।



वहीं दूसरी तरफ रमेश कुमार नाग के द्वारा यह बयान आया की आज के युग में सभी प्रोड्यूसर सभी डायरेक्टर रोमांटिक फिल्म बनाते हैं मगर हमने यह सोचा कि पहली बार हमने सत्य घटनाओं पर आधारित फिल्म बनाई है जो की काफी अच्छी साबित होने वाली है क्योंकि एक विधायक जो की रिक्शा चलाने का काम करता है और रिक्शा चलाते हुए कैसे विधायक की चुनाव जीतकर विधानसभा में विधायक के पद पर आज आसीन हैं जिसकी सत्य घटनाओं पर आधारित हमने फिल्म बनाई और आज हम इसे लोकार्पण करने की तैयारी कर रहे हैं जनता का अवश्य प्यार मिलेगा।


पवन गांधी उर्फ ईश्वर प्रसाद साहू का कहना यह है कि इस फिल्म में मुझको जिस तरह से ईश्वर प्रसाद साहू की भूमिका दिया गया था वह मुझे काफी अच्छा लगा क्योंकि एक रिक्शा चलाते हुए मुझको काफी अच्छी महसूस हुई फिल्मों में रिक्शा चलाने वाली की कहानी पर आधारित फिल्म है इस फिल्म में ईश्वर प्रसाद साहू की भूमिका जो मैंने की है वह काफी अच्छी है(।



पहली बार हमने शालिनी विश्वकर्मा को मां की भूमिका एक पत्नी की भूमिका निभाते हुए हमने देखा जो कि हमारे इंडस्ट्री में विश्वकर्मा के रूप में जाना जाता है मगर जब ईश्वर प्रसाद साहू की धर्मपत्नी की भूमिका अर्थात सती साहू की भूमिका मैंने जो अदाकारी दिखाई है वह मेरे लिए बड़ी चुनौती पूर्ण भूमिका थी कहां जाता है की मां की भूमिका पत्नी की भूमिका बेटी की भूमिका एवं किसी अन्य खानदान में जो चलता है मगर मुझे फिल्म ईश्वर सत्य है में मां की भूमिका जिस तरह से मैं की है वह काफी लाजवाब है आज तारीख तक में रोमांटिक फिल्में ज्यादा करती थी मगर यह फिल्म जो साइन की ईश्वर सत्य है फिल्म दंगल द वीरनपुर यह मेरी ऐसी फिल्म है जो की ऐतिहासिक फिल्म रहेगी मां की भूमिका वाली पत्नी की भूमिका वाली मुझको एक लंबे समय तक याद रहेगा ईश्वर साहू की धर्मपत्नी की भूमिका यानी की सती साहू की भूमिका मुझे काफी अच्छी लगी।

इस फिल्म को देखने के लिए पत्रकार को भी बुलाया गया था जहां पत्रकारों ने फिल्म को देखा और फिल्म को देखने के पश्चात एक ही स्वर में कहा कि इस फिल्म में फिल्म के चलने के दौरान में किसी प्रकार की विवादास्पद नजर नहीं आ रही है हां हमने यह कहा कि यह सत्य घटनाओं पर आधारित फिल्म है जो कि हमारे सामने में घटित हुई है घटना उसी के आधार पर फिल्म का निर्माण हुआ है देखने के बाद फिल्म विवादास्पद नहीं है और केंद्रीय फिल्म प्रमाणीकरण बोर्ड के द्वारा सेंसर सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है अगर विवादास्पद रहती तो सेंसर बोर्ड के द्वारा सेंसर सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाता हां हालांकि अब यह कहा जा सकता है फिल्म प्रदर्शन के दौरान में अगर किसी भी प्रकार की अप्रत्याशित घटना घटित होती है वह अलग मैटर हो जाएगी।



हमारे रिपोर्टर कहते हैं कि रिपोर्टर ने जब इस फिल्म को देखा तो क्लीन चिट दे दिया इसलिए क्लीन चीज दिया किसी भी प्रकार की विवाद होने की संभावना नहीं है फिल्म प्रदर्शन के दौरान में।


उपरोक्त कार्यक्रम को न्यू शांति नगर रायपुर विमतरा ऑडिटोरियम में रखा गया था जहां पर फिल्म की स्क्रीनिंग कमेटी बैठी हुई थी


राकेश कुमार साहू न्यूज एजेंसी जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ राज्य

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