WPL 2026: वुमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के इस सीजन में एक नई बहस छिड़ गई है—क्या किसी जमे हुए बल्लेबाज को ‘रिटायर्ड आउट’ करना सही है? यूपी वॉरियर्स की हरलीन देओल को कोच अभिषेक नायर ने रिटार्यड आउट कर दिया था. बाहर किए जाने के बाद मुंबई इंडियंस के खिलाफ उन्होंने एक ऐसी पारी खेली जिसने न केवल उनकी टीम को पहली जीत दिलाई, बल्कि पिछले 24 घंटों से चल रहे विवाद को भी खत्म कर दिया.
जब कोच के फैसले ने किया हैरान
मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच से पहले हरलीन 36 गेंदों पर 47 रन बनाकर खेल रही थीं. पिच थोड़ी धीमी थी और बड़े शॉट लगाना आसान नहीं था. तभी 17वें ओवर के अंत में कोच अभिषेक नायर ने हाथ उठाकर हरलीन को वापस बुला लिया. इस पर हरलीन भी हैरान थीं. उन्होंने क्रीज पर अपनी साथी श्वेता सहरावत से पूछा, “मैं?” लेकिन टीम के फैसले का सम्मान करते हुए वह वापस लौट गईं. हरलीन के जाने के बाद टीम आखिरी 18 गेंदों में सिर्फ 13 रन ही जोड़ सकी.
24 घंटे के भीतर ‘रेडैम्पशन’
किसी भी खिलाड़ी के लिए इस तरह मैदान से बाहर बुलाया जाना आत्मविश्वास को हिला सकता है, लेकिन हरलीन ने बल्ले से जवाब देना चुना. मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैदान पर उतरते ही उनकी बॉडी लैंग्वेज अलग थी. इस पारी के साथ हरलीन इस सीजन में अर्धशतक लगाने वाली केवल दूसरी भारतीय बनीं. उनकी इस पारी की बदौलत यूपी वॉरियर्स ने 11 गेंद शेष रहते जीत हासिल कर ली.
कोच नायर की सफाई
मैच के बाद कोच अभिषेक नायर ने ‘रिटायर्ड आउट’ के फैसले का बचाव किया. उन्होंने साफ किया कि हरलीन को पहले ही संदेश दे दिया गया था कि अगर 16वें या 17वें ओवर तक रन गति नहीं बढ़ी, तो बदलाव किया जाएगा. नायर ने कहा, “हम पावर-हिटर्स को मौका देना चाहते थे. कभी यह काम करता है, कभी नहीं.” उन्होंने हरलीन की तारीफ करते हुए कहा कि बाहर आने के बाद हरलीन ने सबसे पहले यही कहा, “सर, हम यह मैच जीत सकते हैं, पिच कठिन है.” यह उनके ‘टीम मैन’ होने का सबसे बड़ा सबूत था.

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