रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा।
नगर पंचायत नरियारा के अधिकांश पार्षदों के पास चमचमाती कार एवं बुलेट गाड़ी है और चार पहिया वाहन के अंतर्गत कार है और उक्त परिवहन में सभापति का नाम प्लेट लगा हुआ है मगर किस विभाग का सभापति है यह लिखा नहीं है यह एक लॉजिक है कल जब चुनाव हुआ था चुनाव कर्ज पर चुनाव जीता है और आज चमचमाती चार पहिया परिवहन उनके पास में कैसे उपलब्ध हो पाई यह अब पार्षदों की कैसे परिवहन की व्यवस्था हो पाई है।
अधिकांश पार्षदों के पास ट्रैक्टर भी नया गाड़ी है इतना इनकम कहां से आया अब यह जानकारी पार्षदों के इनकम कितना अधिक हो गया कि आज चार पहिया वाहन उनके पास में उपलब्ध हो चुकी है।
मगर नगर का विकास नहीं हो पा रहा है क्यों नहीं हो पा रहा है क्योंकि सत्ता पक्ष की पार्षद मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पूर्णता घेर चुके हैं अधिकारी चाहता है कि विकास हो मगर पार्षदों की द्वारा कमिशन की दांडी लग चुकी है जिसकी वजह से विकास कार्य नहीं हो पा रहा है आज ऐसी स्थिति है कि नगर पंचायत होने के पश्चात किसी भी के नाम से प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति अब तक नहीं हो पाई है जितने भी प्रधानमंत्री आवास का निर्माण जारी है वह ग्राम पंचायत पूर्व कार्यकाल के अंतर्गत जारी है निर्माण में।
नगर पंचायत नरियारा के पास फायर अर्थात सुरक्षा संबंधित दमकल गाड़ियां भी नहीं है इसके लिए केएसके महानदी पावर प्रोजेक्ट की दमकल गाड़ियों को बुलाया जाता है तब कहीं जाकर आग पर काबू पाया जाता है।
जब नगर पंचायत की कार्यालय खुल जाती है तो महिला पार्षद एवं अध्यक्ष के रिश्तेदार ही नजर आते हैं संबंधित वार्ड के पार्षद एवं अध्यक्ष उपस्थित नहीं रहते।
नगर पंचायत नरियारा की साप्ताहिक बाजार खुले स्थल पर लगती हैं। छाया का व्यवस्था नहीं है पर्याप्त मात्रा में बाजार स्थल पर लाइट की व्यवस्था नहीं है इस तरह से पर्याप्त मात्रा में पेयजल की आपूर्ति नहीं कर पा रही है गली का निर्माण आधी अधूरी है सड़कों पर आवारा मवेशियों का जमवाड़ा लगा रहता है जिसके चलते दुर्घटना का शिकार होना पड़ता है।
नगर पंचायत नरियारा कार्यालय में जन दर्शन का कार्यक्रम भी नहीं होता इससे जनता को काफी परेशानी होती है एक जाति निवास आमदनी में दस्तक करवाने के लिए लाइन लगा पड़ता है जिसके साथ ही साथ जब अध्यक्ष एवं नगर पालिका अधिकारी जरूरत रहती है तो घटा दो घंटा 3 घंटा बैठना पड़ता है तब कहीं जाकर संबंधित प्रमाण पत्र में दस्तक हो पाती है।
नगर की सफाई व्यवस्था नहीं होती है प्रत्येक वार्डो का एवं सफाई कर्मचारी की भी पूर्णतः व्यवस्था नहीं है।
नरियारा नगर वासी यह सपना देखे थे कि नगर पंचायत होने के पश्चात सभी तरफ विकास होगा मगर विकास की जगह विनाश हो रही है।
हमारे संवाददाता कहते हैं कि नरियारा नगर पंचायत के पार्षदों के पास चमचमाती गाडियां की व्यवस्था कैसे हो पाई है क्या उन्होंने कर्ज पर लिया है की किस आधार पर लिया है जबकि अकलतरा नगर पंचायत के पार्षदों के पास एक मोटरसाइकिल भी नसीब नहीं है मगर नरियारा नगर पंचायत के सभी पार्षदों के पास परिवहन व्यवस्था नई गाड़ियां की व्यवस्था कैसे हो पाई है अब यह पार्षद ही बता पाएंगे कि कहां से आया उनके पास इतनी पैसे गाड़ियों को लेने के लिए चुनाव जीतने के समय चुनाव के समय तो यह घोषणा किया जाता है कि मेरे पास में चल अचल संपत्ति नहीं है मगर कैसे आज गाड़ियों की व्यवस्था हो पाई है किस आधार पर चमचमाती गाडियां।
रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ राज्य।


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