*चंडीगढ़/नई दिल्ली,18 जनवरी 2026 -*
श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा ने पंजाब सरकार द्वारा पिछले दिनों पंजाब केसरी समाचार पत्र समूह की प्रिंटिंग प्रैस व अन्य संस्थानों पर लगातार मारी जा रही रेड पर आपत्ति जताते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या क़रार दिया है।
उक्त विषय की घोर निंदा करते हुए श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा की संस्थापक व प्रदेश अध्यक्ष डॉ इन्दु बंसल ने कहा कि पंजाब केसरी समाचार पत्र समूह के प्रबंधकों ने पंजाब सरकार की इस निरंकुश कार्यवाही के विषय मे पंजाब के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर जानकारी दे दी है।
डॉ बंसल ने कहा लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया पर प्रहार करते हुए पंजाब सरकार ने पिछले कुछ दिनों से पंजाब केसरी पत्र समूह की आवाज दबाने के लिए उनकी प्रैसों व अन्य संस्थानों पर धावा बोल रखा है। जिस की श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा घोर निंदा करता है।
डॉ बंसल ने कहा कि जैसा कि सब जानते हैं की स्वर्गीय लाला जगत नारायण ने वर्ष 1949 में हिंद समाचार की स्थापना की थी और पंजाब केसरी का प्रकाशन 1965 में प्रारंभ हुआ। प्रैस की स्वतंत्रता के प्रति यह समाचार पत्र सदैव प्रतिबद्ध रहा है यह सर्वविदित है। स्वर्गीय लाला जगत नारायण, स्वर्गीय रमेश चंद्र चोपड़ा सहित पंजाब केसरी के अनेकों कर्मचारी, एजेंट, हॉकर और पत्रकारों ने पंजाब में उग्रवाद/आतंकवाद के दौर में निर्भीक पत्रकारिता के लिए अपनी जान दी और अनेको घायल भी हुए। इसके बावजूद इस अखबार ने कभी दबाव के आगे घुटने नहीं टेके और वर्तमान में भी स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग कर रहा है।
डॉ बंसल ने कहा इस प्रकार की लक्षित कार्यवाही पत्रकरिता पर सीधा निरंकुश प्रहार है। जो सीधे रूप से समाचार पत्र के कर्मचारियों को डराने धमकाने की नियत से की गई है।
डॉ बंसल ने कहा सभी विपक्षी दलों कांग्रेस,अकाली दल ,भाजपा ने भी पंजाब सरकार की इस निरंकुश कार्यवाही को पंजाब में अघोषित आपातकाल कहा है।
डॉ बंसल ने कहा श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा राष्ट्रपति महामहिम द्रोपदी मुर्मू व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पंजाब सरकार की इस निरंकुश कार्यवाही पर तुरन्त संज्ञान लेकर न्याय की मांग की मांग करता है।

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