धरने बैठे पत्रकार
रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा।
कोरबा - कोरबा में आयोजित छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पत्रकारों के लिए समुचित बैठक व्यवस्था नहीं होने से पत्रकारों में भारी नाराजगी देखने को मिली। तेज धूप में बैठने को मजबूर हुए पत्रकारों ने इसे अपमानजनक और अव्यवस्थित व्यवस्था बताते हुए कार्यक्रम का सामूहिक रूप से बहिष्कार कर दिया।
नाराज पत्रकारों ने इस लापरवाही को लेकर प्रशासन और कार्यक्रम के आयोजकों के प्रति विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का कवरेज न करने का निर्णय लिया। उनका कहना था कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
पत्रकारों को शासन एवं प्रशासन के द्वारा उचित मान सम्मान नहीं दिया जाता जिससे ऐसा लगता है कि शासन प्रशासन की जो भी खबर है उसे जनता तक के नहीं चलने का जनहित के जो भी शासन की घोषणा वाली बात रहती है उसे जनता तक के नहीं पहचाने कि एक संकल्प लेनी है क्योंकि पत्रकारों की जो सम्मान नहीं करता सम्मान न करने वाले प्रशासनिक स्तर पर बैठे जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी ऐसा समझते हैं कि पत्रकार जो की सच का आईना है सरकार की चौथी कड़ी है उसे अपमानित किया गया है इसके लिए पूर्णता बहिष्कार होनी चाहिए क्योंकि पत्रकार से ही शासन चल रही है ना की शासन से शासन चल रही है।
पत्रकार सुरक्षा कानून को भी पारित नहीं कर रही है क्योंकि पत्रकारों के ऊपर बहुत ही अत्याचार होता है जिस तरह से मुकेश चंद्राकर का मर्डर हुआ है एवं मुख्यमंत्री के निवास जिला में बुलंद आवाज के संपादक के विरुद्ध जनसंपर्क अधिकारी के द्वारा झूठा प्रकरण दर्ज कर मानहानि का जो करोड़ों का नोटिस दर्ज किया है इसकी जांच के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय एवं प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र सामूहिक तौर से एवं छत्तीसगढ़ के समस्त पत्रकारों के द्वारा जारी किया जा चुका है।

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