ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल में कंप्यूटर साइंस विभाग द्वारा अतिथि व्याख्यान का आयोजन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।अतिथि व्याख्यान में स्त्रोत व्यक्ति सुश्री गार्गी शर्मा सहायक प्राध्यापक (शासकीय बिलासा कन्या स्नातकोत्तर ऑटोनॉमस महाविद्यालय बिलासपुर) रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर की गई, जो ज्ञान और विद्या की देवी के रूप में पूजित हैं। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने माँ सरस्वती के चरणों में नमन किया और ज्ञान और विद्या की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शिखा सिंह ने अतिथि व्याख्यान में पधारे हुए स्रोत व्यक्ति सुश्री गार्गी शर्मा का तहे दिल से हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने सुश्री शर्मा के आगमन के लिए धन्यवाद व्यक्त किया और उनके विचारों को सुनने के लिए सभी को उत्साहित किया। डॉ. सिंह ने सुश्री शर्मा के अनुभव और विशेषज्ञता को रेखांकित करते हुए कहा कि उनके विचार निश्चित रूप से छात्रों के लिए प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक होंगे। तत्पश्चात सुश्री गार्गी शर्मा ने अपने व्याख्यान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के महत्व और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे एआई वर्तमान समय में हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है और इसके विभिन्न अनुप्रयोगों को समझाया।
सुश्री शर्मा ने बताया कि कैसे एआई का उपयोग हम रोजमर्रा के जीवन में कर रहे हैं, जैसे कि स्मार्टफोन में सर्च इंजन, वॉयस असिस्टेंट, और व्यक्तिगत सिफारिशें। उन्होंने उद्योगों में एआई के उपयोग को रेखांकित किया, जैसे कि स्वचालन, गुणवत्ता नियंत्रण, और भविष्यवाणी करने में।
सुश्री शर्मा ने चिकित्सा क्षेत्र में एआई के उपयोग को भी समझाया, जैसे कि रोग निदान, उपचार, और रोगों की भविष्यवाणी करने में।
सुश्री शर्मा ने साइबर अपराध पर भी चर्चा की और बताया कि कैसे एआई का उपयोग साइबर अपराध में किया जा सकता है, जैसे कि फेक न्यूज़ फैलाने और हमलों को स्वचालित करने में। उन्होंने साइबर अपराध से बचने के लिए सावधानियां भी प्रस्तुत कीं, जैसे कि मजबूत पासवर्ड का उपयोग करना, अनजान लिंक्स पर क्लिक न करना, और व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखना। सुश्री शर्मा ने छात्र-छात्राओं को उनसाइबर अपराध से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एआई एक शक्तिशाली टूल है जिसका उपयोग हम अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं, लेकिन हमें इसके उपयोग के संबंध में जिम्मेदार और सावधान रहना होगा। कार्यक्रम की अंतिम कड़ी में सुश्री गार्गी शर्मा को महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शिखा सिंह ने प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान करते हुए साल से उनका भेंट किया।इस कार्यक्रम में डॉ. प्रतिमा रानी द्विवेदी,अरविंद कुमार ओमप्रकाश सोनी, संजीव चौहान,श्वेता सिंह चंदेल,दुर्गा टण्डन, संध्या सिंह,राहुल राठौर, नवीन आदित्य, प्रभात कश्यप, नागेंद्र कुमार जांगड़े,अर्जुन दास मोहले,संजना भास्कर,सोनम साहू,सरिता पटेल,प्रिया खरे,भूपेन्द्र कुमार, चंद्ररुपा कश्यप,अशोक पाण्डेय, सुनीता पाण्डेय,हितेश्वरी कश्यप, कृष्णकांत चंद्राकर,समरीन मिर्जा,मनीष गंधर्व,आकाश दास,नीरज निर्मलकर,बृजनंदन पटेल, द्वाशराम कश्यप,राजेश साहू एवं कंप्यूटर की शिक्षा प्राप्त करने वाले समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन सहा. प्रा.दुर्गा टंडन ने किया एवं आभार व्यक्त सहा.प्रा. सोनम साहू ने की।


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