बागबहरा/जशपुर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिला जशपुर के बागबहरा तहसील क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम मुड़ाबहला (कर्राजोरा) के किसान अपने पूर्वज की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जा से न्याय पाने के लिए भटक रहा है दबंगों का खौफ इसकदर की जिम्मेदार अधिकारी भी कार्यवाही करने को डर रहे हैं!
क्या है पूरा मामला...
बागबहरा तहसील के ग्राम मुड़ाबहला के जमीन खसरा नंबर 104 शिकायतकर्ता सौंकीलाल तिग्गा के पिता बोधन तिग्गा के नाम पर दर्ज है जो गाँव के मुख्य बस्ती से लगी हुई है जिसमें उसका मकान बना हुआ है सौंकीलाल तिग्गा अपने परिवार सहित कमाने खाने के लिए रायगढ़ में रह रहा है उसी का फायदा उठाते हुए गाँव के ही बरदान साय पिता धरम साय के द्वारा उसके मकान के कुछ भाग को तोड़कर अवैध कब्जा करके मकान बनाया जा रहा जिसकी जानकारी होने पर उसके द्वारा विरोध किया गया लेकिन वह नहीं माना तब शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत तहसीलदार से की और अपनी जमीन का विधिवत् सीमांकन के लिए आवेदन दिया गया जिस पर तहसीलदार ने उपरोक्त जमीन का सीमांकन करने के लिए हल्का पटवारी और राजस्व निरिक्षक को आदेशित किया गया लेकिन हल्का पटवारी ने उसकी जमीन का सीमांकन नहीं किया उल्टा उसे ही चमकी धमकी देने लगा और तुम्हारी जमीन वहाँ पर नहीं है बोल कर वापस भेज दिया!
शिकायतकर्ता ने अपनी जमीन पर हो रहे अवैध कब्जा के संबंध में बागबहरा थाना में भी शिकायत किया गया जिस पर दो सिपाही मौके पर आये और अवैध कब्जा कर रहे बरदान साय से मिलकर चुपचाप चले गए!
शिकायतकर्ता की माने तो बरदान साय गाँव के कुछ दबंग लोगों से मिलकर उसकी पैतृक जमीन को हड़पना चाहता है और उसके खिलाफ षड्यंत्र रचते हुए थाना प्रभारी बागबहरा से मिलकर उससे साठगांठ करते हुए उसे और उसके परिवार के लोगों को झूठे मामले में फसाने का षड्यंत्र रचा गया और उसे झूठे केस से बचाने के लिए गाँव के ही मनोज यादव और हीरा राम लकड़ा द्वारा थाना प्रभारी के नाम से उससे तीन लाख रुपये की मांग की गई और पचास हजार रुपये नगद ले लिया गया!
अब शिकायतकर्ता ने जिला के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से शिकायत करते हुए न्याय दिलाने और दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग की गई है अब देखने वाली बात है की मुख्यमंत्री के गृह जिला के किसान को कब तक न्याय मिल पाता है?या फिर उसकी शिकायत जांच के नाम पर दबी रहेगी!


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