आपातकालीन चिकित्सा, प्राथमिक चिकित्सा एवं सुरक्षा उपाय पर विजय इंग्लिश मीडियम स्कूल में कार्यशाला आयोजित

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नरेंद्र अरोड़ा एमसीबि  मनेन्द्रगढ़:- नगर के विद्यालय विजय इंग्लिश मीडियम हायर सेकेण्डरी स्कूल में आज आपातकालीन चिकित्सा, प्राथमिक चिकित्सा एवं सुरक्षा उपाय पर सेमीनार का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम का आरंभ मा सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्पण से किया गया। यह कार्यक्रम डाॅ. निशान्त श्रीवास्तव (फिजियोथेरेफिस्ट), नागपुर में पदस्थ डाॅ. वर्षा श्रीवास्तव, मनीष शर्मा (अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञ), ए.के. नर्सिंग की छात्राओं  अपेक्षा त्रिपाठी और  चांदनी सिंह के आतिथ्य में आयोजित किया गया समस्त आमंत्रित अतिथियों का स्वागत  विद्यालय परिवार द्वारा किया गया कक्षा नवमीं की छात्राओं ने अतिथियों के स्वागत में गीत प्रस्तुत किया।   तथा  माल्यार्पण के साथ स्मृति-चिन्ह व डायरी-पेन प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में डाॅ.  श्रीवास्तव ने हड्डी के संबंध में विशेष कर रीढ़ की हड्डी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए हड्डियों को सुरक्षित और मजबूत बनाये रखने के लिए आवश्यक उपायों और व्यायामों की जानकारी दी। उन्होनें कहा कि हड्डियों को मजबूत बनाये रखने के लिए संतुलित व पौष्टिक आहार के साथ-साथ व्यायाम भी आवश्यक है। व्यायाम तो हमारे जीवन का आवश्यक अंग ही है यदि हम स्वस्थ शरीर की अपेक्षा रखते हैं तो हमें नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। उन्होनें विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के व्यायाम के बारे में प्रदर्शन के साथ बताया। साथ ही उन्होनें आंखों की सुरक्षा पर भी जोर देते हुए कहा कि जीवन व संसार की सुंदरता को देखने का प्रमुख माध्यम हमारी आंखे हैं, हमें अपनी आंखों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। डाॅ. निशान्त ने आंखों की सुरक्षा के लिए भी कई प्रकार के व्यायाम व अभ्यास बताए।

डाॅ. वर्षा  ने मानव जीवन के प्रमुख अंग हृदय की सुरक्षा के संबंध में महत्वपूण जानकारी दी। उन्होनें ए.के. नर्सिग की छात्राओं अपेक्षा त्रिपाठी एवं चांदनी सिंह के सहयोग व माध्यम से हृदयाघात (हार्ट अटैक) के समय पीड़ित को किस प्रकार से प्राथमिक उपचार दिया जाये इसकी जानकारी विद्यार्थियों को दी। उन्होनें कहा कि हृदयाघात से पीड़ित व्यक्ति को उचित समय में सही प्राथमिक उपचार और देखभाल प्रदान कर उनके जीवन को बचाया जा सकता है किन्तु महत्वपूर्ण जानकारियों के अभाव में हम अपने लोगों को खो देते हैं। हृदयाघात के लक्षणों और उनके प्रारंभिक उपचार को उचित समय में उपयोग कर हम पीड़ित को जीवन दान प्रदान कर सकते हैं। 

  . श्री शर्मा ने विद्यार्थियों को अग्नि से सुरक्षित रहने के उपाय बताये साथ ही उन्होनें अलग-अलग स्थानों या वस्तुओं में होने वाले अग्नि काण्ड से किस प्रकार बचाव किया जाये इस बात की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी। उन्होनें कहा कि लकड़ी, कागज, घर, बिजली के तारों या उपकरणों, विभिन्न प्रकार के केमिकल्स में व पटाकों से लगने वाले आग की अलग-अलग स्थिति होती है और इनसे बचाव के उपाय भी अलग-अलग होते हैं।  उन्होंने सभी प्रकार के अग्निकाण्डों से बचाव के उपाय विद्यार्थियों को बताये। साथ ही उन्होनें अग्निशमन यंत्र को किस प्रकार संचालित किया जाता है इसका भी प्रदर्शन किया एवं विद्यार्थियों के द्वारा अग्निशमय यंत्र का संचालन भी करवाया। साथ ही अग्निशमन यंत्र के रख-रखाव व इसके नवीनीकरण के संबंध में भी जानकारी प्रदान की।

ए.के. नर्सिंग की विद्यार्थियों ने विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की दुर्घटना (एक्सिडेंट) होने पर उस समय अपनाये जाने वाले सुरक्षा के उपायों की जानकारी विद्यार्थियों को दी। साथ ही उस समय आवश्यक प्राथमिक उपचार के संबंध में  जानकारी प्रदान की।

कार्यक्रम में मंच  संचालन संस्था के शिक्षक राकेश मिश्रा व शिक्षिका नेहा सिंह ने किया और कार्यक्रम के अंत में संस्था की शिक्षिका अरूणिमा सिंह ने  समस्त जनों के प्रति  आभार व्यक्त किया।


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