भगवान श्रीराम किसके साथ? भाजपा या कांग्रेस..

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रायपुर :- राज्य में विधानसभा चुनाव का प्रचार प्रसार जोरों पर है 
सभी प्रत्याशी और कार्यकर्ता अपने अपने स्तर पर जीत हासिल
 करने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं! 

चुनाव के समय भगवान श्रीराम की चर्चा न हो ऐसा
 हो नहीं सकता राजनीतिक जानकारों की माने तो 
भाजपा पार्टी की राजनीति का केंद्र हिन्दू धर्म और 
भगवान श्रीराम के इर्दगिर्द घुमता है हिन्दू धर्म के
 अनुयायी भाजपा पार्टी को हिन्दू धर्म का रक्षक भी मानते हैं! 

छत्तीसगढ़ राज्य में भूपेश बघेल कांग्रेस की
 सरकार भी सत्ता में रहते हुए कांग्रेस पार्टी के विचार 
धारा धर्म निरपेक्ष से हटकर भगवान श्रीराम के नाम पर
 "राम पथ गमन" योजना की शुरुआत करके भगवान 
श्रीराम वनवास के समय छत्तीसगढ़ के जिस जिस स्थान 
और रास्ते से गयेे उस उस रास्ते और स्थान को विकसित
 करने का बीड़ा उठाया है 
और पूरे प्रदेश में पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर पर रामायण गायन
 प्रतियोगिता का आयोजन सरकार द्वारा किया गया इसके माध्यम 
से कांग्रेस के भूपेश बघेल सरकार छत्तीसगढ़ में अपने आप को असली 
राम 
भक्त बताने में जुटे रहे ! 


इस बार के हाईप्रोफाइल विधानसभा कोरबा में भी कांग्रेस
 प्रत्याशी राजस्व मंत्री 
जयसिंह अग्रवाल भी पार्टी की विचारधारा "धर्म निरपेक्ष "
 से हटकर पिछले रामनवमी पर्व से अपने आप को
 असली राम भक्त साबित करने में लगे हैं इनके द्वारा 
कोरबा में भव्य राम मंदिर का निर्माण करवाया गया है 
साथ ही बड़े स्तर पर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन 
करवाया गया है, कारण है पिछले दो सालों से कोरबा
 में हिन्दू संगठन, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल द्वारा
 रामनवमी पर्व पर भगवान श्रीराम की भब्य झांकी 
निकाली जा रही है जो पूरे प्रदेश में अपनी छाप छोड़ी है!

 पिछले दो सालों से कोरबा विधानसभा को भेदने के लिए
 भाजपा पार्टी अपने,,सहयोगी संगठन विश्व हिन्दू परिषद
 और बजरंग दल के माध्यम से रामनवमी में झांकी के 
बहाने माहौल बनाने का प्रयास किया गया है जिसका 
फायदा इस चुनाव में मिलने का पूरा आसार बनता दिख रहा है? 

फिलहाल चुनाव में भगवान श्रीराम मुद्दा है या नहीं हम यह कह 
नही सकते और भगवान श्रीराम किस प्रत्याशी पर अपना दया दृष्टि रखते हैं यह तीन दिसम्बर को पता चल पायेगा!

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