छत्तीसगढ़ में 60 लाख की बड़ी चोरी, ग्राइंडर से काटा दुकान का दरवाजा, मोबाइल-लैपटॉप के साथ CCTV का DVR भी ले उड़े चोर

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 बलरामपुर :
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर में चोरों ने एक मोबाइल दुकान को निशाना बनाकर लाखों रुपये की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। बस स्टैंड के पास स्थित जानू मोबाइल दुकान से अज्ञात बदमाश करीब 50 से 60 लाख रुपये कीमत के महंगे स्मार्टफोन और लैपटॉप चोरी कर ले गए। हैरानी की बात यह है कि चोर दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले गए, ताकि उनकी पहचान करना मुश्किल हो सके।यह पूरी घटना बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात की बताई जा रही है। चोरों ने दुकान में दाखिल होने के लिए ग्राइंडर मशीन का इस्तेमाल किया और छत पर लगे लोहे के दरवाजे को काटकर अंदर प्रवेश किया। वारदात का पता गुरुवार सुबह उस समय चला, जब दुकान संचालक जानू कुशवाहा दुकान खोलने पहुंचे।

धनतेरस और दीपावली के लिए मंगाया था लाखों का सामान

जानकारी के मुताबिक, जानू मोबाइल दुकान वाड्रफनगर बस स्टैंड से करीब 100 मीटर की दूरी पर सेंट्रल बैंक के पास स्थित है। त्योहारों के दौरान ग्राहकों की बढ़ती मांग को देखते हुए दुकान संचालक ने पहले से ही बड़ी संख्या में महंगे मोबाइल फोन और लैपटॉप का स्टॉक मंगवाया था।धनतेरस और दीपावली पर बिक्री के लिए रखे गए इसी सामान पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। दुकान संचालक के अनुसार, चोरी हुए इलेक्ट्रॉनिक सामान की अनुमानित कीमत 50 से 60 लाख रुपये के बीच है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का पता चोरी गए सामान की पूरी सूची तैयार होने के बाद ही चल सकेगा।

ग्राइंडर मशीन से काटा लोहे का दरवाजा, छत से बनाई एंट्री

चोरों ने वारदात को अंजाम देने के लिए काफी सोची-समझी योजना अपनाई। दुकान के मुख्य दरवाजे से प्रवेश करने के बजाय उन्होंने छत पर लगे लोहे के दरवाजे को निशाना बनाया।आरोपियों ने ग्राइंडर मशीन की मदद से लोहे का दरवाजा काटा और दुकान के भीतर पहुंच गए। इसके बाद महंगे स्मार्टफोन और लैपटॉप को बोरियों में भरकर अपने साथ ले गए।वारदात में इस्तेमाल किए गए तरीके से आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों ने पहले दुकान की रेकी की होगी और चोरी के लिए पूरी तैयारी की थी।

पहचान छिपाने के लिए CCTV का DVR भी ले गए

इस चोरी में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि बदमाशों ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों के रिकॉर्डिंग सिस्टम को भी नहीं छोड़ा। वे कैमरों का डीवीआर निकालकर अपने साथ ले गए।पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने अपनी पहचान और वारदात से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिटाने के इरादे से ऐसा किया होगा। डीवीआर गायब होने के कारण दुकान के अंदर की रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं हो सकी है। ऐसे में पुलिस अन्य तकनीकी जानकारियों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

सुबह दुकान पहुंचे संचालक तो उड़ गए होश

गुरुवार सुबह जब जानू कुशवाहा अपनी दुकान खोलने पहुंचे, तो अंदर का नजारा देखकर हैरान रह गए। दुकान में जगह-जगह मोबाइल फोन के खाली डिब्बे बिखरे हुए थे। महंगे स्मार्टफोन और लैपटॉप का पूरा स्टॉक गायब था।इसके बाद उन्होंने दुकान की जांच की तो छत पर लगा लोहे का दरवाजा कटा हुआ मिला। घटना की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तत्काल वाड्रफनगर पुलिस को सूचना दी।

डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी जांच के लिए बुलाया गया।फॉरेंसिक टीम ने दुकान और आसपास के इलाकों से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। वहीं, खोजी कुत्ते ने घटनास्थल से कुछ दूरी तक चोरों के संभावित रास्ते का पीछा किया, लेकिन इसके बाद कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया।फिलहाल पुलिस उपलब्ध भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

बाहरी गिरोह पर शक, जिले में बढ़ाई गई निगरानी

जिस तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया, उससे किसी पेशेवर गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। लोहे का दरवाजा काटने के लिए ग्राइंडर का इस्तेमाल करना, बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाना और डीवीआर भी अपने साथ ले जाना जांच के अहम बिंदु हैं।हालांकि, किसी बाहरी गिरोह की संलिप्तता की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।घटना के बाद पुलिस ने जिले में नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों और लोगों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है। सूत्रों के हवाले से राजपुर क्षेत्र में एक होटल के पास कुछ संदिग्धों को पकड़े जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, उनका इस चोरी से संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है।

त्योहारी सीजन में चोरी से व्यापारियों की बढ़ी चिंता

वाड्रफनगर में हुई इस बड़ी चोरी ने स्थानीय व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। त्योहारों के लिए लाखों रुपये का सामान जुटाने वाले दुकानदारों के सामने अब सुरक्षा की चुनौती खड़ी हो गई है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। चोरी गए मोबाइल फोन और लैपटॉप की बरामदगी के साथ आरोपियों की पहचान करना पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।

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