नई दिल्ली। साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार मोबाइल सिम जारी करने की व्यवस्था को और सख्त करने जा रही है। नई प्रणाली के तहत डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि किसी व्यक्ति के नाम पर विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों और सर्विस एरिया में कुल कितने मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हैं।इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य तय सीमा से अधिक सिम रखने वाले ग्राहकों की पहचान करना और संदिग्ध या अनावश्यक कनेक्शनों पर नियंत्रण स्थापित करना है।
एक व्यक्ति के नाम पर कितने सिम हो सकते हैं
वर्तमान नियमों के अनुसार, देशभर में सभी टेलीकॉम कंपनियों और सर्विस एरिया को मिलाकर एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम नौ मोबाइल कनेक्शन रख सकता है। जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर के कुछ लाइसेंस्ड सर्विस एरिया में यह सीमा छह कनेक्शन निर्धारित है।नया कनेक्शन लेते समय ग्राहक को अपने नाम पर पहले से सक्रिय मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी देनी होती है। अब तक अलग-अलग कंपनियों के पास मौजूद कनेक्शनों को एक साथ पहचानना चुनौतीपूर्ण था। इसी समस्या को दूर करने के लिए दूरसंचार विभाग ने नई निगरानी व्यवस्था तैयार की है।
एक ही प्लेटफॉर्म पर जुटेगा सभी कंपनियों का डाटा
नई प्रणाली के तहत विभिन्न टेलीकॉम कंपनियां अपने ग्राहकों से संबंधित आवश्यक डाटा डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएंगी। इसके जरिए किसी व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग कंपनियों और क्षेत्रों में सक्रिय मोबाइल कनेक्शनों को एक साथ समूहित किया जाएगा।23 अगस्त से उन ग्राहकों की तस्वीरें प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिनके नाम पर मोबाइल कनेक्शन की निर्धारित सीमा पूरी हो चुकी है। टेलीकॉम कंपनियों को इस डाटा की नियमित जांच करनी होगी ताकि सीमा पूरी कर चुके व्यक्ति को नया सिम जारी न किया जा सके।
तय सीमा से ज्यादा सिम होने पर कार्रवाई
नई व्यवस्था पूरी तरह रियल टाइम होने तक निर्धारित सीमा से अधिक सक्रिय मोबाइल कनेक्शनों को निलंबित करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। अतिरिक्त कनेक्शन बंद होने के बाद ही संबंधित ग्राहक के खाते में सक्रिय नंबरों की संख्या तय सीमा के भीतर आएगी।यह व्यवस्था केवल नए सिम लेने वाले ग्राहकों तक सीमित नहीं होगी। टेलीकॉम कंपनियों को भी ग्राहक से प्राप्त जानकारी और आवश्यक डाटा डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म तक भेजना होगा।
पहले अगले दिन सत्यापन, फिर तुरंत होगी जांच
शुरुआती चरण में मोबाइल कंपनियां नया सिम जारी होने के अगले दिन ग्राहक के कनेक्शनों का सत्यापन कर सकेंगी। इसके बाद व्यवस्था को और मजबूत करते हुए सिम की बुकिंग और एक्टिवेशन के समय ही रियल टाइम जांच लागू की जाएगी।सरकार की योजना के अनुसार नई प्रणाली को 30 नवंबर तक पूरी तरह लागू किया जाएगा। इससे फर्जी पहचान, बड़ी संख्या में लिए गए मोबाइल कनेक्शन और साइबर अपराधों में सिम के दुरुपयोग पर अधिक प्रभावी निगरानी की उम्मीद है।
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