राजेश राठौर
दैनिक दर्पण न्यूज़
अपहरण, चोरी, छेड़छाड़ और मारपीट जैसे गंभीर मामलों की जांच लंबे समय तक लंबित रखने पर कार्रवाई, एसपी विजय कुमार पाण्डेय का सख्त संदेश— लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी..
जांजगीर-चांपा। जिले में लंबित आपराधिक प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण को लेकर पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। विवेचना कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में चौकी नैला में पदस्थ उपनिरीक्षक भवानी सिंह चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र संबद्ध कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई को विभाग में स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि कर्तव्य के निर्वहन में किसी भी प्रकार की उदासीनता या लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
गंभीर अपराधों की विवेचना में बरती लापरवाही
पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार उपनिरीक्षक भवानी सिंह चौहान के पास चौकी नैला, थाना जांजगीर में दर्ज अपहरण, चोरी, छेड़छाड़ एवं मारपीट जैसे गंभीर अपराधों की विवेचना लंबित थी। आरोप है कि उन्होंने इन मामलों की जांच को बिना किसी ठोस कारण के लंबे समय तक लंबित रखा तथा विवेचना और प्रकरणों के निराकरण में अपेक्षित गंभीरता, तत्परता और रुचि नहीं दिखाई।
विभागीय समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आने पर पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लिया और इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान उपनिरीक्षक भवानी सिंह चौहान को रक्षित केंद्र, जांजगीर-चांपा संबद्ध किया गया है।
पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता
एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निराकरण पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विवेचना में अनावश्यक विलंब से न केवल न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है, बल्कि पीड़ितों का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास भी कमजोर पड़ता है। इसलिए सभी विवेचना अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही पर आगे भी होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विवेचना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा उदासीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में कोताही बरतेगा, उसके विरुद्ध इसी प्रकार की कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
विभाग में गया सख्त संदेश
एसपी की इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में स्पष्ट संकेत गया है कि लंबित मामलों के निराकरण में अब किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी विवेचना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अपराधों की जांच में तेजी आए और पीड़ितों को समय पर न्याय मJanjgir-Champa News: विवेचना में लापरवाही पर एसपी का बड़ा एक्शन: उपनिरीक्षक भवानी सिंह चौहान निलंबित
अपहरण, चोरी, छेड़छाड़ और मारपीट जैसे गंभीर मामलों की जांच लंबे समय तक लंबित रखने पर कार्रवाई, एसपी विजय कुमार पाण्डेय का सख्त संदेश— लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
जांजगीर-चांपा। जिले में लंबित आपराधिक प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण को लेकर पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। विवेचना कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में चौकी नैला में पदस्थ उपनिरीक्षक भवानी सिंह चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र संबद्ध कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई को विभाग में स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि कर्तव्य के निर्वहन में किसी भी प्रकार की उदासीनता या लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
गंभीर अपराधों की विवेचना में बरती लापरवाही
पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार उपनिरीक्षक भवानी सिंह चौहान के पास चौकी नैला, थाना जांजगीर में दर्ज अपहरण, चोरी, छेड़छाड़ एवं मारपीट जैसे गंभीर अपराधों की विवेचना लंबित थी। आरोप है कि उन्होंने इन मामलों की जांच को बिना किसी ठोस कारण के लंबे समय तक लंबित रखा तथा विवेचना और प्रकरणों के निराकरण में अपेक्षित गंभीरता, तत्परता और रुचि नहीं दिखाई।
विभागीय समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आने पर पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लिया और इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान उपनिरीक्षक भवानी सिंह चौहान को रक्षित केंद्र, जांजगीर-चांपा संबद्ध किया गया है।
पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता
एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निराकरण पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विवेचना में अनावश्यक विलंब से न केवल न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है, बल्कि पीड़ितों का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास भी कमजोर पड़ता है। इसलिए सभी विवेचना अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही पर आगे भी होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विवेचना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा उदासीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में कोताही बरतेगा, उसके विरुद्ध इसी प्रकार की कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
विभाग में गया सख्त संदेश
एसपी की इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में स्पष्ट संकेत गया है कि लंबित मामलों के निराकरण में अब किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी विवेचना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अपराधों की जांच में तेजी आए और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।

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