राजेश राठौर
[जांजगीर ], 29/04/2026 टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा टी. एफ. आई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष,मनीष मिश्रा, रविंद्र राठौर,केदार जैन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी एवं माननीय शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव जी के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया।,इस ज्ञापन में वर्ष 2010 से पूर्व व पश्चात नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को समाप्त करने और उनके हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।
मुख्य बिंदु और विसंगतियां:
फेडरेशन ने रेखांकित किया है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा 23 अगस्त 2010 को जारी राजपत्र के अनुसार, शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत नई नियुक्तियों के लिए ही टीईटी अनिवार्य की गई थी। उक्त राजपत्र के बिंदु क्रमांक चार में स्पष्ट उल्लेख है कि पूर्व से कार्यरत शिक्षकों के लिए यह परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट का संदर्भ और रिव्यू पिटीशन:
ज्ञापन में बताया गया कि 1 सितंबर 2025 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में अभी तक भारत सरकार या NCTE द्वारा कोई स्पष्ट अनुपालन पत्र जारी नहीं किया गया है। वर्तमान में विभिन्न राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, केरल, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल आदि) द्वारा दायर लगभग 45 रिव्यू पिटीशन माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन हैं।
फेडरेशन की प्रमुख मांगें:
छत्तीसगढ़ में छूट का प्रावधान: छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 17 अगस्त 2012 को जारी राजपत्र के अनुरूप, पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखा जाए।
पुनर्विचार याचिका: अन्य राज्यों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भी माननीय सर्वोच्च न्यायालय में शिक्षकों के पक्ष में पुनर्विचार याचिका (Review Petition) दायर की जाए।
यथास्थिति बनाए रखना: जब तक रिव्यू पिटीशन का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता और भारत सरकार का अनुपालन पत्र नहीं आता, तब तक छत्तीसगढ़ में वर्ष 2010 से पूर्व के शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना अनुचित है।
टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों का कहना है:
"हम माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन करते हैं कि वे हजारों अनुभवी शिक्षकों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस विसंगति को दूर करें। राज्य शासन को उन शिक्षकों का संरक्षण करना चाहिए जो दशकों से शिक्षा व्यवस्था की नींव बने हुए हैं।"
इस अवसर पर टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के नेतृत्वकर्ता के रूप में जिला अध्यक्ष, प्रदेश संयुक्त संघ से विकास सिंह राकेश तिवारी, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन से हरीश कुमार गोपाल जिला अध्यक्ष, विवेक राठौर, आशीष सिंह कार्य. जिलाध्यक्ष, दिनेश तिवारी जिला सचिव, शशिकांत पांडे, दिलीप भारती, धीरेंद्र राठौर, सुरेश कुमार खूंटे, पुनीत मधुकर, जय प्रकाश कश्यप, अजय मधुकर, कृष्ण कुमार यादव, राम स्वरूप साहू, संजय चौहान सहित पदाधिकारी उपस्थित थे..
Post a Comment