सुकमा : जिले के चिंतलनार स्थित पोटाकेबिन आवासीय विद्यालय में बदहाल व्यवस्था सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर अमित कुमार ने 31 मार्च 2026 को अचानक निरीक्षण किया, जिसमें स्कूल और छात्रावास की स्थिति बेहद चिंताजनक मिली। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की गई।
गंदगी और अव्यवस्था से घिरा मिला परिसर
निरीक्षण के दौरान पूरे परिसर में साफ सफाई का अभाव साफ नजर आया। कई जगह कचरा फैला हुआ था और छात्रावास की हालत भी संतोषजनक नहीं थी। बच्चों के बिस्तर अस्त व्यस्त पाए गए, वहीं कई छात्र अस्वच्छ और बिना व्यवस्थित कपड़ों में दिखे। यह स्थिति प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है।
अधीक्षक को नोटिस, एक दिन में मांगा जवाब
प्रारंभिक कार्रवाई के तहत अधीक्षक किरण कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने उन्हें एक दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत आगे कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कमजोर नियंत्रण से बिगड़ी पूरी व्यवस्था
जांच में यह भी सामने आया कि अधीक्षक का कर्मचारियों पर नियंत्रण कमजोर है, जिससे स्कूल की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। प्राथमिक और माध्यमिक दोनों स्तर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखना अधीक्षक की जिम्मेदारी थी, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। पूर्व में दिए गए निर्देशों की भी अनदेखी की गई।
दो अधिकारियों पर गिरी निलंबन की गाज
मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया। अधीक्षक भूपतराज ठाकुर और सहायक अधीक्षक को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में ठाकुर का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोन्टा तय किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
इस कार्रवाई ने एक बार फिर दूरस्थ क्षेत्रों में संचालित आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साफ है कि लापरवाही पर प्रशासन अब सख्त रुख अपना रहा है और जिम्मेदारों को किसी भी हालत में बख्शने के मूड में नहीं है।
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