स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया फिजियोथेरेपी कॉलेज का भूमि पूजन
मनेन्द्रगढ़ में फिजियोथेरेपी कॉलेज के निर्माण कार्य का भूमि पूजन कार्यक्रम गुरुवार को भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विधिवत पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गई कि शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज का निर्माण लगभग 1393.71 लाख रुपये की लागत से परसगढ़ी में किया जाएगा। यह कॉलेज क्षेत्र के स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा। विशेष रूप से फिजियोथेरेपी जैसे उभरते हुए चिकित्सा क्षेत्र में यह संस्थान युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान करेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा को भी मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं अंचल क्षेत्रों में ऐसे संस्थानों की स्थापना से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और उन्हें बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
इस दौरान यह भी बताया गया कि कॉलेज का संचालन प्रारंभिक रूप से सिंधी कालरी एजुकेशन सोसायटी, झगराखंड में इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी देरी के प्रारंभ हो सके। स्थायी भवन तैयार होने के बाद कॉलेज को परसगढ़ी स्थित नए परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा।
कार्यक्रम में डॉ. अविनाश खरे एवं राहुल जैन (प्राचार्य, शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज) सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने कॉलेज की रूपरेखा, पाठ्यक्रम एवं भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की।
स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना है कि इस कॉलेज के शुरू होने से न केवल शिक्षा का स्तर ऊंचा होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार आएगा। साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
इस प्रकार, मनेन्द्रगढ़ में फिजियोथेरेपी कॉलेज का निर्माण और संचालन क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में युवाओं को व्यापक लाभ मिलेगा।

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