Raipur : की राजधानी स्थित Shri Ram Mandir Raipur में 6 से 12 अप्रैल तक सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस आध्यात्मिक आयोजन में प्रसिद्ध कथा वाचक Himanshu Krishna Bhardwaj व्यास गद्दी से कथा का रसपान कराएंगे।
इस आयोजन के दौरान कथा के साथ धर्म, संस्कृति और समाज सेवा से जुड़े संदेशों का भी व्यापक प्रसार किया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
आयोजन का उद्देश्य: भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संदेश
आयोजन समिति के अनुसार इस कथा का मुख्य उद्देश्य लोगों के भीतर भगवान के प्रति श्रद्धा, ज्ञान और वैराग्य की भावना जागृत करना है। कथा के माध्यम से जीवन को सकारात्मक दिशा देने, मन की शुद्धि और सामाजिक कुरीतियों से मुक्ति का संदेश दिया जाएगा।
इसके साथ ही गौ सेवा, समाज सेवा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर भी विशेष बल रहेगा।
पहले दिन निकलेगी भव्य कलश यात्रा
मातृ शक्ति की अगुवाई में धार्मिक शुरुआत
6 अप्रैल को कथा के शुभारंभ से पहले श्रीराम मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा वीआईपी चौक से होकर कथा स्थल व्यास पीठ तक पहुंचेगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
सात दिनों की कथा में क्या होगा खास
दिनवार प्रमुख प्रसंग
- पहला दिन: भागवत महात्म्य, धुंधुकारी कथा और ज्ञान-वैराग्य का महत्व
- दूसरा दिन: सृष्टि की रचना, भगवान के अवतार और ध्रुव-प्रह्लाद की भक्ति
- तीसरा दिन: भगवान के विशेष अवतारों का वर्णन
- चौथा दिन: भगवान श्रीकृष्ण का जन्म और बाल लीलाएं
- पांचवां दिन: गोवर्धन पूजा और रासलीला
- छठा दिन: कंस वध और रुक्मिणी विवाह
- सातवां दिन: सुदामा चरित्र और राजा परीक्षित को मोक्ष
समाज को जोड़ने की पहल
आयोजन समिति ने बताया कि कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने का माध्यम भी है। इसमें लोगों को नैतिक जीवन, सेवा भावना और संस्कारों की ओर प्रेरित किया जाएगा। सभी सनातन धर्म के अनुयायियों से कम से कम दो दिन कथा श्रवण का आग्रह किया गया है।
कथा वाचक हिमांशु महाराज: आध्यात्मिक पथ के प्रेरक
कथा वाचक हिमांशु महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खानपुर क्षेत्र में हुआ। बचपन से ही धार्मिक वातावरण में पले-बढ़े महाराज ने कम उम्र में गुरुकुल जीवन अपनाया और वेद, भागवत सहित कई ग्रंथों का गहन अध्ययन किया।
कम आयु में ही उन्हें वेद अध्ययन के लिए राष्ट्रपति सम्मान भी मिल चुका है। वे अपनी कथाओं के माध्यम से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संदेश देते हैं और समाज में नैतिकता व संस्कारों को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं।
आयोजन से जुड़े प्रमुख लोग
इस आयोजन को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष सुनील रामदास, प्रेरणास्रोत राजेन्द्र, संयोजक कैलाश मुरारका और कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
इसके अलावा राम मंदिर से जुड़े कई सदस्य और स्वयंसेवक भी आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
श्रद्धालुओं के लिए खास अपील
आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस सात दिवसीय कथा में शामिल होकर धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिकता का लाभ उठाने की अपील की है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करेगा, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करेगा।
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