महासमुंद में कांग्रेस भवन में हुई मारपीट की घटना अब राजनीतिक रूप से गंभीर मोड़ ले चुकी है। इस मामले में जिला कांग्रेस कमेटी ने सख्त कदम उठाते हुए जिला उपाध्यक्ष विजय साव को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है।
अनुशासनहीनता को बताया मुख्य कारण
जिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पार्टी कार्यालय में हुई घटना संगठन के अनुशासन के खिलाफ है। इस व्यवहार को पार्टी की विचारधारा के विपरीत बताते हुए इसे गंभीर चूक माना गया है।
साथ ही कारण बताओ नोटिस का समय पर जवाब नहीं देने को भी निष्कासन की वजह बताया गया है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस भवन में महंगाई को लेकर दोपहर में प्रेस वार्ता आयोजित की गई थी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सूचना के आदान-प्रदान को लेकर विवाद शुरू हुआ।
इस दौरान विजय साव की पूर्व ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष ढेलू निषाद और कार्यकर्ता निर्मल जैन से तीखी बहस हो गई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई।
कुर्सियों से हमला, हालात बिगड़े
विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर प्लास्टिक की कुर्सियां तक फेंक दीं। इस झड़प में शामिल लोगों के कपड़े तक फट गए। मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन मामला बढ़ने पर पुलिस को बुलाना पड़ा।
पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को शांत कराया।
पार्टी ने दिया सख्त संदेश
जिला अध्यक्ष ने साफ किया कि पार्टी में अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। संगठन की छवि और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने कहा कि हर कार्यकर्ता और पदाधिकारी का कर्तव्य है कि वह पार्टी के नियमों का पालन करे।

आंतरिक कलह पर उठे सवाल
इस घटना के बाद महासमुंद में कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं पार्टी की साख को नुकसान पहुंचाती हैं और संगठन को कमजोर करती हैं।
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