रिपोर्ट: राकेश कुमार साहू, न्यूज़ एजेंसी।
रायपुर //....जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना चुकी अभिनेत्री शालिनी विश्वकर्मा आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। अपनी सादगी, अभिनय और मेहनत के दम पर उन्होंने बहुत कम समय में दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। खासतौर पर फिल्म “मोर बर ले देना राजा सोन के नथनी” से उन्हें जबरदस्त लोकप्रियता मिली, जिसके बाद वे लगातार चर्चा में बनी हुई हैं।
शालिनी विश्वकर्मा का मानना है कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसमें कलाकारों के लिए बेहतर अवसर भी बन रहे हैं। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत छोटे स्तर से की, लेकिन आज वे इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हो चुकी हैं।
इसी कड़ी में हमारी न्यूज़ एजेंसी ने शालिनी विश्वकर्मा से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपने करियर, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं को लेकर खुलकर जवाब दिए।
सवाल-जवाब
सवाल: आपकी फिल्म “मोर बर ले देना राजा सोन के नथनी” को दर्शकों ने खूब पसंद किया, आप इसे कैसे देखती हैं?
जवाब: यह फिल्म मेरे करियर के लिए बहुत खास रही है। दर्शकों ने जिस तरह से प्यार दिया, उससे मुझे और बेहतर काम करने की प्रेरणा मिली। यह सफलता पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है।
सवाल: आपने अपने करियर की शुरुआत कैसे की?
जवाब: शुरुआत आसान नहीं थी। मैंने छोटे-छोटे रोल से शुरुआत की और धीरे-धीरे खुद को साबित किया। मेहनत और धैर्य ने मुझे यहां तक पहुंचाया।
सवाल: छत्तीसगढ़ी सिनेमा को आप किस दिशा में जाता देखती हैं?
जवाब: मुझे लगता है कि CG सिनेमा का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। अब फिल्मों की क्वालिटी, कहानी और तकनीक में काफी सुधार हुआ है। दर्शकों का भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
सवाल: आपके लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?
जवाब: शुरुआत में खुद को स्थापित करना सबसे बड़ी चुनौती थी। हर किसी को अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
सवाल: आगे किन प्रोजेक्ट्स में नजर आएंगी?
जवाब: कुछ अच्छे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनकी घोषणा जल्द ही करूंगी। मैं चाहती हूं कि दर्शकों को हमेशा कुछ नया और बेहतर देखने को मिले।
सवाल: अपने फैंस को क्या कहना चाहेंगी?
जवाब: मैं अपने सभी फैंस का दिल से धन्यवाद करती हूं। उनका प्यार और समर्थन ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।
शालिनी विश्वकर्मा की यह यात्रा उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने साबित किया है कि अगर मेहनत और लगन सच्ची हो, तो सफलता जरूर मिलती है।
छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री में शालिनी विश्वकर्मा जैसे कलाकारों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में CG सिनेमा नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
हमारे न्यूज़ एजेंसी राकेश साहू द्वारा शालिनी विश्वकर्मा से पूछा गया कि फिल्म दंगल द वीरनपुर में आपको अदाकारी करने के पश्चात आपको कैसा लगा इसके प्रश्न पर जवाब उन्होंने यह दिया कि इस फिल्म में मैं पहली बार एक पत्नी एक मां एवं एक बेटे को खोने का जो अदाकारी किया है वह मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है आज तक जितने भी फिल्मों में मैं काम किया वह यह फिल्म सबसे अलग और जरा हटके है क्योंकि एक मां का किरदार जैसा की उपासना वैष्णव उर्वशी साहू मां की भूमिका में अच्छी नजर आती है ठीक उसी तरह से मैं भी फिल्म दंगल द बिरनपुर में अपनी एक अलग पहचान बनाने के उद्देश्य से इस फिल्म में मैं काम किया है इस फिल्म के हीरो पवन गांधी एवं अन्य कलाकार हैं जिनके सहयोग से फिल्म दंगल द वीरनपुर बनकर तैयार हो चुका है और यह फिल्म 3 अप्रैल से विधिवत छत्तीसगढ़ के समस्त सिनेमा घर में दिखाई जाएगी।
मीडिया परिवार की ओर से शालिनी विश्वकर्मा की उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।

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