इंदौर में पेंटहाउस विवाद ने एक परिवार की खुशियाँ बदल दीं दुःख में

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इंदौर : के लसूड़िया स्थित सागर अपार्टमेंट में 13 मार्च की रात हुई दर्दनाक घटना ने शंपा पाठक पांडे और उनके परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल दी। इंफोसिस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर शंपा अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर रही थीं, लेकिन एक विवाद और हादसे ने परिवार को शोक में डुबो दिया।

मासूम बच्चों से दो दिन तक छुपाई गई सच्चाई

हादसे के तुरंत बाद शंपा की मौत की खबर बच्चों को नहीं दी गई। पति सौरभ पांडे ने बताया कि बड़े बेटे ने खाना खाने के लिए फोन किया था, तब उन्होंने कहा कि ‘मम्मा की तबीयत ठीक नहीं है, दो दिन में वे आ जाएंगी’। बेटे ने इसका जवाब दिया, ‘मम्मा आ जाएंगी तब ही खाना खाऊंगा।’ दो दिन बाद जब शंपा की डेड बॉडी घर पहुंची, तभी बच्चों को सच बताया गया। सच्चाई सुनकर भी छोटा बेटा समझ नहीं पा रहा कि मां हमेशा के लिए चली गई हैं।

हादसा जिस दिन शंपा का जन्मदिन और नया फ्लैट

सौरभ ने बताया कि हादसे वाले दिन उन्होंने डीबी प्राइड में नया फ्लैट बुक किया था। संयोग ये था कि शंपा की मां का जन्मदिन भी उसी दिन था। परिवार ने इसे एक शुभ कदम माना, लेकिन उसी दिन हादसा घट गया।

विवाद किस वजह से हुआ?

शंपा और परिवार सागर समृद्धि अपार्टमेंट में शिफ्ट हुए थे। सोसाइटी के वॉट्सएप ग्रुप से उन्हें पता चला कि बिल्डिंग में AIRBNB के जरिए कुछ संदिग्ध गतिविधियाँ हो रही हैं। इस पर सोसाइटी के कुछ लोग फ्लैट की लाइट बंद कर देते हैं। इस बात को लेकर कुलदीप चौधरी और सोसाइटी के लोगों में विवाद बढ़ गया।

गाड़ी से हमला और शंपा की मौत

मामले में पुलिस ने बताया कि कुलदीप चौधरी के बेटे मोहत चौधरी ने गाड़ी लेकर पहले फ्लैट में काम करने वाली महिला पर और फिर शंपा पांडे पर गाड़ी चढ़ा दी। शंपा को तुरंत बॉम्बे हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

परिवार की व्यथा और मांग

सौरभ पांडे ने कहा, “ऐसा लगा जैसे हमारे परिवार में बम फट गया हो। एक ही मिनट में सब कुछ खत्म हो गया।” उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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