राखड़ की मार से त्रस्त ग्रामीण, प्रबंधन के खिलाफ बढ़ा आक्रोश

Views

 





छुरीकला। नगर के समीप एनटीपीसी व सीएसईबी द्वारा बनाए गए राखड़ बांध से उड़ रही राखड़ से आसपास के गांवों के लोग परेशान हैं। हवा चलने पर राखड़ घरों तक पहुंच रही है, जिससे खाद्य सामग्री सहित घरेलू सामान खराब हो रहा है और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रबंधन व प्रदूषण विभाग इस पर रोक लगाने में उदासीन हैं।

सोमवार को तेज आंधी के कारण राखड़ डिडोलभाठा सहित आसपास के गांवों में फैल गई, जिससे कई घरों में भोजन तक प्रभावित हुआ। एक विवाह कार्यक्रम में तैयार खाना भी राखड़ पड़ने से फेंकना पड़ा। लगातार प्रदूषण से स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीण लखन लाल ने बताया कि राखड़ के कारण घर के अंदर तक गंदगी फैल रही है और सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है। विनोद कुमार के अनुसार राखड़ बांध बनने के बाद स्थिति बदतर हो गई है, लोग प्रदूषित भोजन व पानी के लिए मजबूर हैं। सरपंच प्रमिला कंवर ने कहा कि पंचायत स्तर पर कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, अब आंदोलन की तैयारी की जा रही है। गृहणी प्रमिला दीवान ने बताया कि राखड़ के कारण भोजन बनाना मुश्किल हो गया है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। जनपद सदस्य शारदा लता यादव ने कहा कि राखड़ से क्षेत्रवासियों का जीना मुश्किल हो गया है, लेकिन प्रबंधन समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा।

0/Post a Comment/Comments