परोपकार ही परम धर्म है कर्म ही मनुष्य का पुरुषार्थ है, कैलाश चंद्र प्रचार प्रचार प्रमुख मध्य क्षेत्र राष्ट्रीय स्वयंसेवक

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नरेंद्र अरोड़ा ___/ परोपकार ही परम धर्म है कर्म ही मनुष्य का पुरुषार्थ है, कैलाश चंद्र  प्रचार प्रचार प्रमुख मध्य क्षेत्र राष्ट्रीय स्वयंसेवक.  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ज़िला मनेंद्रगढ़ द्वारा शताब्दी वर्ष में प्रमुख जन गोष्ठीकार्यक्रम का आयोजन संपन्न*  यह कार्यक्रम स्थानीय दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल के सभागार में दिनांक 29 मार्च दिन रविवार को किया गया, जिसमें मध्य क्षेत्र के प्रचार प्रमुख  कैलाश चंद्र  का प्रबोधन उपस्थित जनसमूह को प्राप्त हुआ*। पंच परिवर्तन के विषय को विस्तार से रखते हुए उन्होंने हिंदू जीवन दर्शन को सरल शब्दों में महापुरुषों के जीवन प्रसंगों के माध्यम से प्रस्तुत किया। परोपकार  पुरुषार्थ है, गीता में भगवान श्रीकृष्ण कर्म करने की ही प्रेरणा देते हैं, जीवन में स्व का बोध होना चाहिए, हमारी गौरवशाली परंपरा का हमको ज्ञान होना चाहिए, जीवन मूल्यों का पालन करना भी धर्म का एक रूप है। मातृवत् परदारेषू, पर द्रव्येषू लोष्ठवत, ये हमारी संस्कृति है। पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता का भाव एवं घर में बच्चों को संस्कार देना बहुत आवश्यक है। उपस्थित जनसमूह का आव्हान करते हुए उन्होंने संघ कार्य के माध्यम से समाज सेवा करने का आग्रह किया। जिला संघचालक नीरज अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। वंदेमातरम् के गायन के साथ कार्यक्रम

का समापन हुआ। बड़ी संख्या में मातृशक्ति के साथ जनसमूह उपस्थित था। कार्यक्रम में विभाग संघचालक प्रणव चक्रवर्ती एवं नगर संघचालक रमेश धर दीवान उपस्थित थे।

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