बिलासपुर | 31 मार्च 2026 छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय को नया कुलपति मिल गया है। प्रख्यात शिक्षाविद और प्रबंधन विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. ललित प्रकाश पटेरिया को विश्वविद्यालय की कमान सौंपी गई है। तीन दशक से अधिक के उनके शैक्षणिक अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति बेहद अहम मानी जा रही है।
32 साल का लंबा शैक्षणिक अनुभव
प्रो. पटेरिया की अकादमिक यात्रा वर्ष 1988 से शुरू हुई। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से की, जहां वे एकेडमिक एसोसिएट रहे। इसके बाद वे गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में व्याख्याता के रूप में जुड़े और यहीं से उन्होंने अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
वे समय के साथ लेक्चरर से प्रोफेसर तक पहुंचे और संस्थान में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभाईं।
बहुआयामी शैक्षणिक योग्यता
प्रो. पटेरिया की शिक्षा भी उतनी ही प्रभावशाली है जितना उनका अनुभव।
- गणित में स्नातकोत्तर
- MBA (व्यवसायिक प्रशासन)
- LLB (कानून)
- PhD (व्यवसायिक प्रशासन)
इसके अलावा उन्होंने पर्यटन शिक्षा में एडवांस कोर्स भी किया है, जो उन्हें बहुआयामी शिक्षाविद बनाता है।
पढ़ाने का अनोखा अंदाज, छात्रों के बीच लोकप्रिय
प्रो. पटेरिया की सबसे बड़ी खासियत उनका शिक्षण कौशल है। वे ऑपरेशंस रिसर्च, क्वांटिटेटिव मेथड्स और कॉर्पोरेट लॉ जैसे जटिल विषयों को बेहद आसान तरीके से समझाने के लिए जाने जाते हैं।
उनकी यही विशेषता उन्हें छात्रों के बीच खास बनाती है।
उनकी इस क्षमता को देखते हुए ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन ने उन्हें ‘मान्यता प्राप्त प्रबंधन शिक्षक’ (Accredited Management Teacher) का दर्जा दिया है।
संस्थान निर्माण में अहम भूमिका
गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के संस्थापक संकाय सदस्य के रूप में उन्होंने प्रबंधन अध्ययन विभाग की नींव मजबूत की।
- MBA कोर्स के लिए AICTE की मंजूरी दिलाई
- UGC से भवन अनुदान प्राप्त कराया
- विभागाध्यक्ष और डीन के रूप में प्रशासनिक सुधार किए
शोध और अकादमिक योगदान
प्रो. पटेरिया एक सक्रिय शोधकर्ता भी रहे हैं:
- 27 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित
- 40 से ज्यादा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में भागीदारी
- 13 पीएचडी छात्रों का मार्गदर्शन
- 200 से अधिक MBA छात्रों को प्रोजेक्ट गाइडेंस
वे कई प्रतिष्ठित जर्नल्स के संपादकीय बोर्ड में भी शामिल हैं।
प्रशासनिक और नेतृत्व क्षमता
उन्होंने विश्वविद्यालयों में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं:
- शोध डिग्री समिति, वित्त समिति, चयन समिति में भूमिका
- छात्रसंघ चुनावों का सफल संचालन
- एंटी-रैगिंग समिति और मुख्य वार्डन जैसे पदों पर कार्य
इसके अलावा, वे शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय के पहले कुलपति भी रह चुके हैं, जहां उन्होंने नए विश्वविद्यालय की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उच्च शिक्षा को मिलेगी नई दिशा
प्रो. पटेरिया की नियुक्ति से यह उम्मीद की जा रही है कि अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में
- अकादमिक गुणवत्ता में सुधार होगा
- रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा
- प्रशासनिक पारदर्शिता मजबूत होगी
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