पीएम आवास में ऐसा फर्जीवाड़ाः हितग्राहियों के बजाए दूसरे के खातों में जा रहा आवास का पैसा।

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राकेश साहू / जांजगीर/पामगढ़ जिले प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में में गड़बड़ियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुराने मकानों को दिखाकर नए आवास का पैसा निकाल लेना, अपूर्ण मकानों को पूर्ण दिखा देना, आवास दिलाने के नाम से हितग्राहियों से उगाही की शिकायतें तो सुनने को मिलती ही रहती है, अब प्रधानमंत्री आवास योजना में हितग्राहियों के बजाए किस्त की राशि दूसरे व्यक्तियों के खाते में डालकर गड़बड़ी करने का मामला भी सामने आने लगा है। वो भी एकाथ पंचायत में नहीं बल्कि जिले के कई पंचायत में इस तरह की शिकायतें सामने आ चुकी है जिसमें आवास तो किसी और के नाम पर स्वीकृत हुआ है, लेकिन आवास का पैसा किसी दूसरे के खाते में गया है और सांठगांठ कर पैसा भी आहरण कर लिया गया है। इधर जिनके नाम पर आवास स्वीकृत हुआ है, वे किस्त की राशि के लिए दर-दर तोकरें खा रहे हैं और आवास योजना में नाम आने के बाद भी आज भी उनकी सिर पर छत नहीं है। टूटे-फूटे घर और झोपड़ी में ही गुजर-बसर हो रहा है। आवास पाने के लिए, हितग्राही शासन से लेकर जिला


किस्त की राशि नहीं मिलने से पक्की छत का सपना अधूरा।


केस-1


ग्राम पंचायत कीनार में पीएम योजना ग्रामीण अंतर्गत हितग्राही दशमत बाई निर्मलकर पति रामाधार (पीएमएवाय-जीआईडीसीए 121016488) को आवास स्वीकृत हुआ था। वर्ष 2025 में योजना के तहत जब पहली किस्त 40 हजार रुपए जारी हुई पर दशमत बाई के खाते में पैसा नहीं आया। दशमत बाई के परिजनों ने जानकारी ली तो पता चला कि किस्त का 40 हजार रुपए गांव के वशमत बाई पति माखन निर्मलकर के खाते में डाल दिया गया है। मामले की ऑनलाइन शिकायत दशमत के बेटे रमेश ने की थी। मामले में जपं सीईओ पामगढ़ के द्वारा 13.02.2026 को तात्कालिन सरपंच चंदा कस्य तत्कालिन सचिव दिनेश यादव फालिन रोजगार सहायक पूनम कौशिक को शोकाज नोटिस जारी कर हितग्राही के बजाप दूसरे व्यक्ति को लाभान्वित किए जाने की शिकायत पर जवाब मांगा है। साथ ही जांच टीम भी गठित हुई है पर कार्रवाई नहीं हुई है।


प्रशासन तक गुहार भी लगा चुके है, लेकिन अब तक न तो हितग्राहियों को पैसा मिल पाया है और न ही इस तरह की गंभीर अनियमितता करने वालों पर किसी तरह की कार्रवाई हुई है। इसी तरह का मामला पामगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम कोनार में सामने


आया है। जहां कई ग्रामीण जिनके नाम पर आवास आया था, उन्हें सालों बाद भी पक्की छत नसीब नहीं हो पाई है। यानी सरकार की फ्लैगशिप योजना में आवास मित्र कांटेमारी कर रहे हैं। हितग्राहियों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।


आवास योजना में अन्य लियों के खाते में किस्त जाने की शिकायत मिली थी। मामले में तात्कालिन रोजगार सहायक, तात्कालिन सरपंच और तात्कालिन सचिव को शोकॉज नोटिस का जवाब मांगा गया था। जांच टीम भी गठित कर दी गई है जो भी दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई होगी।


मणीशंकर कौशिक, जपं सीईओ


केस-2


ग्राम पंचायत कोनार में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत नारायण पिता छेदीलाल कश्यप को भी प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ है। नारायण कश्यप ने बताया कि पंचायत से पता करने पर पता बला कि उसके नाम स आए आवास का पैसा दूसरे व्यक्ति के खाते में डाल दिया गया है। मामले की शिकायत करने के बाद भी हितग्राहियों की किस्त का पैसा नहीं मिल पाया है। इसके बलते हितग्राही अपने आवास का निर्माण भी नहीं कर पा रहा है। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही। बताया जा रहा है कि मामले की शिकवा-शिकायत करने पर ताकालिन रोजगार सहायक के द्वारा हितग्राही को 20 हजार रुपए भी दिया गया है ताकि मामला शांत रहे।

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