0कोरबा विभाग के 6 शिशु मंदिरों के 290 विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में लिया उत्साहपूर्वक भाग
कोरबा। विद्याभारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संबंद्ध सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ रायपुर के अन्तर्गत सरस्वती बाल कल्याण न्यास इन्दौर म.प्र. के तत्वावधान में देवपुत्र बाल महोत्सव सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्य0 विद्यालय, सी.एस.ई.बी. कोरबा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह में गोपाल महेश्वरी जी (देवपुत्र बाल मासिक पत्रिका संपादक, इन्दौर म.प्र.) के मुख्य आतिथ्य में डॉ. देवनारायण साहू (प्रांतीय संगठन मंत्री, सरस्वती शिक्षा संस्थान छ.ग. रायपुर) जुड़ावन सिंह ठाकुर, (उपाध्यक्ष, मध्यक्षेत्र) चंद्रकिशोर श्रीवास्तव (सचिव वनांचल शिक्षा सेवा न्यास छत्तीसगढ़) जोगेश लाम्बा सचिव/ व्यवस्थापक, सरस्वती शिक्षा समिति, कोरबा के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विभाग समन्वयक दीपक सोनी (कोरबा विभाग) गेंदराम राजपूत (बिलासपुर विभाग) जिला प्रतिनिधि अर्जुन पटेल (जिला प्रतिनिधि, कोरबा) श्री रवीन्द्र सराफ (जिला प्रतिनिधि जॉजगीर-चाम्पा) गौरीशंकर कटकवार (प्रांत प्रमुख) तथा नरेश जायसवाल (प्रांत प्रमुख, वनांचल सेवा न्यास छ.ग.) एवं प्रगति नगर, कुसमुण्डा, दर्री, बस स्टैण्ड तथा सीतामढ़ी विद्यालय के प्राचार्य उपस्थित थे। माननीय अतिथियों के विद्यालय में आगमन होने पर रोली, तिलक से स्वागत किया गया। सांस्कृतिक सभाकक्ष में अतिथियों ने माँ सरस्वती एवं भारतमाता के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
देवपुत्र पत्रिका संपादक गोपाल महेश्वरी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारा प्राचीन भारतीय संस्कार हमारे सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों में आज भी जीवंत रूप से विद्यमान है तथा बच्चों को यह उत्कृष्ट संस्कार प्रदान किये जा रहे हैं। सच्ची लगन एवं कठिन परिश्रम से तथा गुरूजनों के आशीर्वाद से ही किसी कला में उच्च स्तर तक सफलता प्राप्त की जा सकती है। किसी प्रतियोगिता में सफलता के लिये दृढ़ इच्छा शक्ति एवं आत्म विश्वास का होना जरूरी है। ऐसे ही कार्यक्रमों से आत्म विश्वास का जागरण होता है। हममें क्रमश: सीखने की प्रवृति होनी चाहिए। एकाग्रता से ही विजयश्री प्राप्त होती है। देवपुत्र पत्रिका देश का सबसे ज्यादा प्रकाशित होने वाला पत्रिका है।
इस अवसर प्रांतीय संगठन मंत्री डॉ. देवनारायण साहू जी ने कहा कि हर समय कुछ न कुछ समारोह का आयोजन होते रहता है, इससे मनुष्य सुखी व प्रसन्न रहता है। इस संघर्षमय जीवन को ठीक से जीने के लिये इस प्रकार के उत्सवों का आयोजन आवश्यक है। शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, व आध्यात्मिक सभी क्षेत्रों में मनुष्य का विकास होना आवश्यक है। छोटी-छोटी पुस्तकें पढऩे से ही हमें प्रेरणा मिलती है। उन्होंने हकीकत राय के धर्म के प्रति अटूट आस्था तथा स्वामी विवेकानंद के शिकागो सम्मेलन से जुड़े अनेक प्रेरक कहानियों का संक्षिप्त जानकारी दिये।
कार्यक्रम के संयोजक जोगेश लाम्बा जी ने कहा कि किसी भी कार्य एवं प्रतिस्पर्धा के लिये दृढ़ इच्छा शक्ति, आत्म विश्वास तथा पूर्ण एकाग्रता होनी चाहिए। तभी हम अपने लक्ष्य तक पहुँच सकते हैं एवं अपने दायित्व को पूरी ईमानदारी से निवर्हन कर पायेगें। जैसे अलग-अलग लेखनी का एक सारगर्भित अंश से ही लेखक अपने कार्य को संपादित करता है। हमें भी प्रतिदिन किसी न किसी महापुरूषों के जीवनी का स्वध्याय कर प्रेरणा लेनी चाहिए ।
इस अवसर पर अखिल भारती वैदिक गणित प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त भैया शुभांश देवांगन, आयुष राठौर एवं गौरव चौहान को पुरस्कृत किया गया। इस देवपुत्र बाल महोत्सव में कोरबा विभाग के 06 शिशु मंदिर (सरस्वती उ.मा.वि.सी.एस.ई.बी., सीतामढ़ी, बस स्टैण्ड, प्रगतिनगर, दर्री एवं कुसमुण्डा) से 290 भैया/बहिनों ने भाग लेकर विविध विधाओं में आयोजित प्रतियोगिता में सम्मिलित हुए । विभाग समन्वयक दीपक सोनी ने समस्त अतिथियों एवं आगन्तुकों के प्रति आभार ज्ञापित किया। तत्पश्चात प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया।

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